बसपा सुप्रीमो मायावती।
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बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने देशवासियों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लोग नहीं पूछते हैं कि संविधान के तहत सरकार ने उनके लिए क्या किया। सरकार को अपनी नीयत, नीति व गुड गवर्नेंस से अच्छे दिन लाकर खुद को जनहितैषी साबित करना चाहिए। नया साल छलावा और खोटी उम्मीदों वाला नहीं हो, इसके लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष को स्वार्थ की संकीर्ण राजनीति को त्यागना होगा। लोगों को उनका हक देने में सही नीयत व नीति के साथ अपनी शक्ति व ऊर्जा समर्पित करनी होगी।
बसपा सुप्रीमो ने बुधवार को जारी अपने बयान में यूपी सरकार के बारे में कहा कि बड़ी आबादी वाले प्रदेश की जिम्मेदारियां भी ज्यादा हैं। जनहित व जनकल्याण के साथ सरकार का आचार-व्यवहार भी सही होना चाहिए। लोगों के जान-माल, इज्जत और मजहब की सुरक्षा जरूरी है। संकीर्ण राजनीति और वोट बैंक के स्वार्थ से जनहित प्रभावित होगा तो गुड गवर्नेंस कैसे हो सकता है। लोग अपनी मेहनत का सही फल चाहते हैं। महंगाई के दौर में गरीबी और बेरोजगारी से कमाई कम हुई है, जिससे लोगों का जीवन स्तर प्रभावित हो रहा है। सत्ता पक्ष और मुख्य विपक्षी पार्टी जिस तरह संविधान की दुहाई देकर खुद को देशभक्त साबित करने में लगे हैं, वह उनके कर्मों में भी झलके तो बेहतर होगा। देश खुशहाल बने, इसके लिए उन्हें अपनी कथनी और करनी में अंतर को मिटाना होगा।
तमाम मुद्दे बढ़ा रहे चिंता
उन्होंने कहा कि अनेकता में एकता के सूत्र पर अमल करने से देश में शांति रहेगी और विकास बाधित नहीं होगा। रुपये की विश्व बाजार में गिरावट, विकास की धीमी गति आदि मुद्दे चिंतित करने वाले हैं। सरकारों को जातिवाद, सांप्रदायिक व राजनीतिक द्वेष व भेदभाव से ऊपर उठकर काम करना होगा। जनहित पर पूरा ध्यान केंद्रित करना होगा। गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, पलायन की विवशता, सुख-शांति, बेहतर जनसुविधा तथा कानून-व्यवस्था के अभाव के तनावपूर्ण जीवन से लोगों को मुक्ति दिलाना सरकारों की जिम्मेदारी है।