लखनऊ। निशातगंज निवासी 58 वर्षीय डिग्री कॉलेज के प्रबंधक ने चार लोगों पर अपहरण कर पीटने का आरोप लगाया है। उनका यह भी कहना है कि पानी मांगने पर उन्हें जबरन पेशाब पिलाई गई। महानगर पुलिस पर कार्रवाई न करने का भी आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
पीड़ित के मुताबिक वह 20 वर्षों से एटा के सरकारी डिग्री और इंटर कॉलेज के सचिव व प्रबंधक हैं। कॉलेज में राम निवास लिपिक और अर्पण राजपूत सहायक लिपिक हैं। आरोप है कि दोनों गोमतीनगर के विरामखंड निवासी शशांक प्रताप सिंह चौहान व न्यू हैदराबाद के सिद्धराज बिष्ट के साथ मिलकर काफी समय से कॉलेज के कोष में भ्रष्टाचार कर रहे थे।
इसकी जानकारी होने पर जब उन्होंने विरोध किया तो आरोपियों ने गलती स्वीकारते हुए माफी मांग ली। प्रबंधक ने बताया कि एक जुलाई की सुबह आठ बजे शशांक व सिद्धराज उनके निशातगंज स्थित घर पहुंचे और अलंकार परियोजना के तहत एटा के एक कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में चलने के लिए कहा। उनके मना करने पर भी आरोपियों ने दबाव बनाया और कार में बैठा लिया।
पीटकर किया अधमरा
पीड़ित का आरोप है कि जैसे ही कार आगरा एक्सप्रेसवे पर चढ़ी दोनों ने गाली-गलौज करते हुए उनका मोबाइल लूट लिया। फिर रास्ते भर उन्हें थप्पड़ जड़ते रहे। एटा पहुंचने पर आरोपी उन्हें कॉलेज के बजाय होटल गुप्ता पैलेस ले गए। यहां राम निवास व अर्पण पहले से थे। फिर चारों ने उन्हें बुरी तरह पीटा। आरोप है कि अधमरा होने पर जब उन्होंने पानी मांगा तो आरोपियों ने जबरन पेशाब पिला दी।
तमंचे के बल पर इस्तीफे पर कराए हस्ताक्षर
पीड़ित का आरोप है कि चारों ने तमंचे के बल पर पहले से टाइप इस्तीफे पर उनसे जबरन हस्ताक्षर करा लिए। फिर उसी रात 11:30 बजे आरोपी उन्हें घर के सामने फेंककर भाग निकले। दो दिन बाद उन्होंने महानगर पुलिस से शिकायत की, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में उन्होंने कोर्ट की शरण ली।