रक्षामंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कल्याण सिंह का राम मंदिर को लेकर कितना योगदान है यह बताने की जरूरत नहीं है। जब अयोध्या में ढांचा गिरने की सूचना आई थी तब वह मुख्यमंत्री आवास में लुंगी और बंडी पहनकर बैठे थे। ढांचा गिरने की जानकारी आने पर मैं (राजनाथ सिंह) मिलने पहुंचा तो उन्होंने कहा कि अब सरकार गिरने वाली है। राम मंदिर के लिए ऐसी 100 सरकारों को ठोकर मार सकता हूं। वहीं, कल्याण सिंह के पोते मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि उनके बाबा अंतिम सांस तक राम मंदिर से जुड़े रहे। राम मंदिर का उनका सपना साकार हो रहा है।
प्रदेश और राम मंदिर को समर्पित रहा उनका जीवन
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कल्याण सिंह का पूरा जीवन प्रदेश और राम मंदिर के लिए समर्पित रहा। उन्होंने यह भी कहा कि राजधानी के विकास के लिए रक्षा मंत्री व सांसद राजनाथ सिंह ने बहुत काम किया। सड़कों के साथ गलियों के विकास का भी ध्यान रखा। जाम दूर करने के लिए पुल बनवाए। छह और नए पुलों का बनना प्रस्तावित हैं। उसका पत्र सांसद प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी के पास है। इससे पहले नगर निगम के कर्मचारी नेताओं ने रक्षामंत्री का स्वागत फूल मालाओं से किया।