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Lucknow News: राजनाथ ने पूछा- विकास हो रहा कि नहीं

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अपने दो दिन के प्रवास में राक्षामंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार को ऐशबाग के तिलकनगर में लोगों के बीच पहुंचे। यहां चाय और पकौड़ी के नाश्ते के बीच हुई अनौपचारिक बातचीत में बोले कि मैं तो यहां चाय पीने आया था। यहां तो मिलने के लिए लोग जुट गए। फिर पूछ लिया कि विकास हुआ कि नहीं। फ्लाईओवर बन जाने के बाद पुराने लखनऊ में कम समय में पहुंच जाते हैं कि नहीं? लोगों ने भी हामी भरी।
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सांसद ऐशबाग तिलक नगर कॉलोनी के अंबेडकर पार्क में जाटव समाज के साथ चाय पर चर्चा कार्यक्रम में पहुंचे थे। तिलकनगर की तीन मंजिला कॉलोनी निवासी वीरेन्द्र प्रसाद गौतम व राजाराम प्रसाद गौतम ने बताया कि कॉलोनी लगभग 40 साल पुरानी है जो काफी जर्जर हो चुकी है। इसकी मरम्मत होनी जरूरी है। सांसद के हस्तक्षेप के बाद एलडीए अधिकारियों ने सर्वे किया था। इसे तोड़कर वहीं पर लोगों को आवास दिए जाने का आश्वासन दिया गया है। सांसद निधि से पार्क भी बन गया है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि तीन से पांच महीने में कॉलोनी का काम शुरू हो जाएगा। फि र बोले, अरे भाई कुछ खिलाओ पिलाओगे या फि र ऐसे ही भेज दोगे। रक्षामंत्री ने समाज के लोगों के साथ बैठकर कुल्हड़ में चाय की चुस्कियां लीं और साथ में पकौड़ियां खाते हुए आगे की बात की। इस दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, महापौर संयुक्ता भाटिया, पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, जाटव समाज के प्रतिनिधि गंगाराम अंबेडकर, एमएलसी मुकेश शर्मा, एमएलसी राम चंद्र प्रधान मौजूद रहे।
दुकानों की लीज अवधि बढ़वाने की मांग की
आदर्श व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय गुप्ता के साथ कैंट के व्यापारियों ने शुक्रवार को रक्षामंत्री से उनके दिलकुशा स्थित आवास पर मुलाकात की। रक्षामंत्री को बताया कि छावनी क्षेत्र के सदर बाजार के लकड़ी मोहाल के व्यापारियों की दुकानों की कैंट बोर्ड द्वारा लीज अवधि बढ़ाए जाने तथा पीपीई एक्ट 1971 के अंतर्गत कैंट बोर्ड द्वारा नोटिस दिया गया है। नोटिस की कार्रवाई रुकवाते हुए लीज बढ़वाने की मांग की गई। 1968 में लकड़ी मोहाल के व्यापारियों को छावनी बोर्ड द्वारा लीज पर दुकानें दी गई थीं। बाद में 1982 से 1995 तक लीज अवधि बढ़ा दी गई थी किंतु 1996 से कैंट बोर्ड द्वारा लीज अवधि का नवीनीकरण नहीं किया गया है तथा छावनी बोर्ड द्वारा पीपीई एक्ट 1971 के अंतर्गत नोटिस भेजी जा रही है, जिसके कारण लकड़ी मोहाल के व्यापारियों के सामने रोजीरोटी का संकट उत्पन्न हो गया है।
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