भारतीय नौ सेना की नई ताकत का नाम है एंटी सबमरीन वॉरफेयर सिस्टम (एएसडब्ल्यू)। इससे छोड़ी मिसाइल समुद्र में छह किलोमीटर गहराई में छिपे दुश्मन को भी नेस्तानाबूत कर सकती है। इस आधुनिक तकनीक के युद्धक हथियार सिस्टम का प्रदर्शन डीआरडीओ के स्टाल पर देखने को एक्सपो में जुटे देश-विदेश के दर्शकों का विशेष रुझान दिखा। स्टाल पर मौजूद डीआरडीए के विशेषज्ञ इसकी विशेषता बताते नहीं थक रहे थे।
सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का मॉडल भी डीआरडीए के पवेलियन में आकर्षण का केंद्र रहा। इस मिसाइल को पनडुब्बी, पानी के जहाज, फाइटर प्लेन या जमीन कहीं से भी लॉन्च किया जा सकता है। इसे डीआरडीओ व रूस ने संयुक्त तौर पर विकसित किया है। इस सुपरसोनिक मिसाइल की खासियत यह है कि रडार भी इसे नहीं पकड़ पाता। इसकी क्षमता 290 किलोमीटर तक किसी भी दिशा में मार करने की है। यह मिसाइल एक बार में अपने साथ 300 किलोग्राम तक विस्फोटक भी ले जा सकती है।