अयोध्या दीपोत्सव की तैयारियां शुरू।
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दीपोत्सव में छह देशों की रामलीला का भी आयोजन किए जाने की तैयारी है। हालांकि अभी इसकी रूपरेखा तैयारी नहीं हो सकी है। वहीं साकेत महाविद्यालय में बन रही झांकियों पर कलाकार प्रस्तुतियां देंगे। विभिन्न प्रदेशों के करीब 600 कलाकारों अपने-अपने प्रदेशों की लोक संस्कृतियों की प्रस्तुतियां देंगे। इसके अलावा अयोध्या में जगह-जगह सांस्कृतिक मंच भी सजेंगे।
श्रीराम, सीता व लक्ष्मण द्वार बनकर तैयार
दीपोत्सव के लिए राम की पैड़ी को सजाने का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। यहां 15 हजार क्षमता की दर्शक दीर्घा बनकर तैयार है। राम की पैड़ी का मुख्य आकर्षण श्रीराम, सीता व लक्ष्मण द्वार होगा, जो लगभग बनकर तैयार है। हर एक दीवाल 250 वर्ग मीटर में बनी है। जिस पर रामकथा को दर्शाया गया है। दर्शक दीर्घा में सीढि़यों का निर्माण पूरा हो चुका है। दीपोत्सव में इस बार राम की पैड़ी श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र होगी। वहीं सरयू के घाटों पर आरती के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, मंच बनाया जाने लगा है।
अयोध्या में दीपोत्सव (फाइल फोटो)
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विकास प्राधिकरण की ओर से दीपोत्सव-2024 के अवसर पर एक दीया प्रभु श्री राम के नाम कार्यक्रम का शुभारंभ किया जा रहा है। 30 अक्तूबर को दीपोत्सव का आयोजन होना है। देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु इस महोत्सव में शामिल होने आएंगे। बहुत से श्रद्धालु इस महापर्व पर नहीं आ पाते, लेकिन वे ऑनलाइन दीपों का दान कर महापर्व का हिस्सा बन सकते हैं।
अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अश्वनी कुमार पांडेय ने बताया कि इस कार्यक्रम में देश-विदेश में बैठे श्रद्धालु ऑनलाइन माध्यम से अपने स्वेच्छानुसार राशि दान स्वरुप दे सकेंगे। देश-विदेश के श्रद्धालु अयोध्या में होने वाले दीपोत्सव का हिस्सा बन सकते हैं, जिसके प्रतिफल में उन्हें प्रसाद भी भेजा जाएगा। प्रसाद को उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से निर्मित किया जाएगा। दिव्य अयोध्या डॉट कॉम लिंक पर जाकर इच्छुक श्रद्धालु दान कर सकते हैं।