रामलला के भव्य महल में विराजित होने के बाद हुए पहले दीपोत्सव में हर जन-मन में राम ही राम दिखे। हर घर-आंगन में दीपोत्सव मनाया गया। इस दौरान रामचरित मानस की चौपाई अमित रूप प्रकटे तेहि काला, जथाजोग मिले सबहिं कृपाला...। कृपादृष्टि रघुबीर बिलोकी। किए सकल नर नारि बिसोकी...भी चरितार्थ होती दिखी। प्रभु राम अयोध्या लौटे तो हर कोई उनके दर्शन को आतुर था। प्रभु सबकी इच्छा जान असंख्य रूप में प्रगट हो गए और सब अयोध्या वासियों से मिले, एक ही कृपादृष्टि से सब को शोक रहित कर दिया
कुछ इसी तरह का दृश्य बुधवार को रामनगरी का भी था। रामनगरी के हर घर-आंगन में राम की छटा नजर आ रही थी। सुबह 11 बजे साकेत महाविद्यालय से जब रामराज्याभिषेक की झांकी निकली तो हर कोई राम के दर्शन को दौड़ पड़ा। साकेत महाविद्यालय के पास मिले प्रो़ आशुतोष त्रिपाठी बोले मानस में लिखा है कि सब बिधि सब पुर लोग सुखारी। रामचंद मुख चंदु निहारी... श्रीरामचंद्र जी के मुखचंद्र की छटा देखकर सभी नगरवासी हर प्रकार से सुख की अनुभूति कर रहे हैं,यही दृश्य, यही व्याकुलता अयोध्या में है। राम का चरित्र सभी बंधनों, सीमाओं से परे है, इसकी पुष्टि टेढ़ीबाजार पर पूर्व मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी की ओर से की जा रही पुष्पवर्षा से होती रही। इकबाल बोले कि अयोध्या का उत्सव हमारा उत्सव है, अयोध्या में बदलाव होगा तो इसका फायदा अयोध्यावासियों को ही मिलेगा।
देखन हेतु राम वैदेही, कहहू लालसा होई न तैही...अर्थात भगवान श्रीराम-सीता के अलौकिक रूप को देखने की इच्छा सभी में है। यह बात हनुमानगढ़ी के पुजारी रमेश दास ने कही। वे बिड़ला धर्मशाला के सामने हाथ जोड़े खड़े थे। बिना पलक झपकाए सभी झाकियों के अंत में श्रीराम दरबार देख वह भाव विह्वल हो उठे। केवल अयोध्या ही नहीं विभिन्न राज्यों से भी राम के दर्शन को लोग आए थे। कानपुर से सचिन त्रिपाठी रामकथा पार्क में राज्याभिषेक समारोह के दौरान भावुक हो गए। बोले यह दृश्य देखकर लग रहा रामायण युग सजीव हो उठा।
धर्मपथ पर कुछ लोग लाइव होकर अपने परिवार को भी अयोध्या की मनोरम छटा के दर्शन करा रहे थे। आजमगढ़ निवासी रामकरन सिंह ने कहा कि अयोध्या का दृश्य अद्भुत है। लता चौक से लेकर रामकथा पार्क तक सजी-धजी, अद्भुत अयोध्या के दर्शन की होड़ है, कौन इसका साक्षी नहीं बनना चाहेगा।
सूरज ढलते ही अयोध्या समेत 84 कोस तक अलौकिक आभा नजर आने लगी। हर दीप में राम की छटा दिखी। 84 कोस में फैले मठ-मंदिरों, आश्रमों, पौराणिक स्थलों पर दीप जले तो विराट अयोध्या के वैभव की भी झलक दिखी। जो किसी वजह से अयोध्या नहीं पहुंच सके उन्होंने घर बैठे अयोध्या की मनोहारी छटा का दर्शन किया। सरयू किनारे राम की पैड़ी पर अद्भुत, मनोहारी, दिव्य दीपोत्सव ने समूचे विश्व को मानो मोह लिया हो। ई-प्लेटफार्म पर करोड़ों भक्त प्रभु राम की राजगद्दी संभालने के बाद इस खुशी के गवाह बने।