लखनऊ। कथक की लय, ताल और भाव के साथ शनिवार को 50 छात्राओं ने मंच पर भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा को जीवंत किया। महाराजा बिजली पासी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, आशियाना में शनिवार को 11 दिवसीय कथक कार्यशाला का समापन हुआ। महाविद्यालय और बिरजू महाराज कथक संस्थान, संस्कृति विभाग के संयुक्त आयोजन में छात्राओं ने प्रशिक्षण के बाद मनमोहक प्रस्तुतियां दीं।
कार्यक्रम की शुरुआत गुरु-वंदना से हुई। छात्राओं ने ठुमरी ‘रोको ना डगर मेरो श्याम’ में भावाभिव्यक्ति और सूफी कथक ‘मेरा मुर्शिद खेले होली’ में प्रेम, भक्ति व आध्यात्मिकता को दर्शाया। प्रशिक्षक अक्षय कुमार ने छात्राओं को तत्कार, आमद, तिहाई, गत, हस्त-मुद्राओं और लय-ताल का प्रशिक्षण दिया। समारोह में संस्थान की अध्यक्ष डॉ. कुमकुम धर, उच्च शिक्षा निदेशालय के सहायक निदेशक प्रो. विष्णु मिश्रा और प्राचार्य दीप्ति सोनकर मौजूद रहीं।