रमजान-उल-मुबारक का चांद होने का ऐलान होते ही शहर की फिजा में खुशी की लहर दौड़ गई। मस्जिदें इबादत के लिए गुलजार होने लगीं तो बाजारों में रौनक परवान चढ़ने लगी।
उधर, सहरी और इफ्तार का बंदोबस्त करती महिलाएं तो दूसरी ओर सिर पर टोपी लगाए तरावीह के लिए मस्जिदों की ओर जाने की ललक थी।
मरकजी चांद कमेटी ने बुधवार को चांद दिखने का ऐलान किया। कमेटी के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने बताया कि रमजान का चांद हो गया है। पहला रोजा गुरुवार को रखा जाएगा।
वहीं, शिया मून कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने भी चांद दिखने का ऐलान कर दिया है। इस्लामिक माह शाबान की 29 तारीख यानी 16 मई को रमजान-उल-मुबारक का चांद देखने के लिए हर कोई व्याकुल था।
रमजान के मुकद्दस चांद के दीदार के लिए आसमान में लोगों की निगाह टिकी हुई थी। शहर के पुराने इलाकों में घर की छतों पर चांद का दीदार करने की ललक साफ दिखाई दे रही थी। रमजान का चांद दिखने का ऐलान होते ही रोजेदारों में खुशी की लहर दौड़ गई।