फेसबुक पर सक्रिय किडनी की खरीद-फरोख्त करने वाले गिरोह के खिलाफ दर्ज मामले में पुलिस की फाइनल रिपोर्ट को चुनौती देने वाली अर्जी पर सुनवाई पूरी हो गई। विशेष सीजेएम सुदेश कुमार ने 30 सितंबर के लिए अपना निर्णय सुरक्षित कर लिया है।
वादी अमिताभ ठाकुर ने पुलिस की फाइनल रिपोर्ट को चुनौती देते हुए अग्रिम विवेचना की मांग वाली अर्जी देकर बताया कि पुलिस ने इस मामले में बहुत ही सतही ढंग से विवेचना की तथा गलत ढंग से निष्कर्ष निकाला।
वादी अमिताभ ठाकुर ने गोमतीनगर थाने में मई 2014 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि नोएडा के प्रतीक जैन ने उन्हें फेसबुक पर संदेश भेजा था कि अनुराग जोशी नामक व्यक्ति फेसबुक पर किडनी बेचने के लिए उनसे संपर्क कर रहा था और इसके लिए करीब साढ़े तीन-चार लाख रुपये दे रहा था।
अमिताभ ने जब उस आदमी से फोन पर बात की तो उसने कहा कि उन्हें किडनी के लिए करीब तीन लाख रुपये मिलेंगे। इसके लिए पुणे आना पड़ेगा और वहां से ईरान जाना पड़ेगा। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। पुलिस ने विवेचना के बाद फाइनल रिपोर्ट लगाते हुए कहा कि प्रकरण में वास्तव में किडनी की खरीद-बिक्री नहीं हुई थी। अत: कोई अपराध नहीं हुआ।