लखनऊ के 60 फीसदी पंप पेट्रोल-डीजल की चोरी कर रहे हैं। इसका खुलासा ओईएम लैब की जांच रिपोर्ट में हुआ है। बीते जून में जांच को भेजे गए 43 पंपों की डिस्पेंसर यूनिट्स के पार्ट्स में करीब 26 की रिपोर्ट में एक्स्ट्रा फिटिंग के साथ पल्सर कार्ड बी-1 व बी-2 में भी बाहरी छेड़खानी की बात सामने आई है। इसके आधार पर सप्लाई से जुड़ी तेल कंपनियां 14 और पंपों की डीलरशिप निरस्त करने की तैयारी में जुट गई हैं।
हालांकि लैब रिपोर्ट को लेकर कंपनियों से जुड़े अधिकारी कुछ बोलने से यह कहते हुए बच रहे कि मामला शासन स्तर के निर्देश के बाद हुई जांच से जुड़ा है। ऐसे में अधिकृत तौर पर रिपोर्ट से जुड़ी जानकारी भी वहीं से जारी होगी। एसटीएफ ने आपूर्ति व बाटमाप विभाग के अधिकारियों के साथ 27 अप्रैल को राजधानी के सात पेट्रोल पंपों पर छापेमारी कर डिस्पेंसर मशीनों में चिप व डिवाइस लगाकर पेट्रोल-डीजल वितरण में चोरी पकड़ी थी।
इसके बाद शासन के निर्देश पर सभी जिलों में पेट्रोल पंपों की संयुक्त स्तर पर टीमें गठित कर जांच कराई गई थी। लखनऊ में डीएम कौशल राज शर्मा के निर्देश पर तात्कालिक एडीएम आशुतोष अग्निहोत्री की अगुवाई में सभी 202 पंपों की तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ टीम बनाकर पड़ताल कराई गई थी।
जांच में 51 पंपों पर गड़बड़ी पकड़ी गई थी। इनमें 43 की मशीनों में टैंपरिंग व बाटमाप विभाग की सील टूटे जाने के साथ चिप लगाए जाने की आशंका मिली थी। इन पंपों की डिस्पेंसर यूनिट से जुड़े पार्ट्स निर्माता कंपनियों की ओईएम लैब में जांच को आईओसी के माध्यम से भिजवाए गए थे। वहीं, बचे 8 पंपों पर मशीनें दुरुस्त होने के बावजूद माप में गड़बड़ी मिली थी। इन पंप डीलरों से प्रशासन ने 80 हजार रुपये जुर्माना वसूला था।
प्रशासन करा चुका इन डीलरों पर एफआईआर
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आईओसी से जुड़े क्षेत्रीय मुख्यालय के सूत्र बताते हैं कि 26 पंपों की लैब रिपोर्ट निगेटिव आई है। इनकी मशीनों में पल्सर कार्ड बी-1 व बी-2 में अटैम्पट टू टैंपरिंग की पुष्टि के साथ एडिशनल फिटिंग की बात भी सामने आई है। कंपनी से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रिपोर्ट के आधार पर गड़बड़ी बाद वितरण को बंद कराए गए 14 और पंपों की डीलरशिप निरस्त करने की कार्रवाई जल्द आईओसी, एचपी व बीपी कंपनियां करेंगी।
अब तक तीनों कंपनियां 21 पंपों की डीलरशिप निरस्त कर चुकी हैं। डीएम के निर्देश पर जून में कराई गई जांच में आईओसीएल कंपनी की ओर से अनुबंधित मै. आरकेबीके पंप एचएएल, अलीगंज सर्विस स्टेशन अलीगंज, साहनी फ्यूल सेंटर गोमतीनगर, एडहाक श्री फीलिंग स्टेशन गोमतीनगर, गोयल ऑटोमोबाइल फैजाबाद रोड, सचान फिलिंग स्टेशन मुंशीपुलिया, मलिहाबाद सर्विस स्टेशन मलिहाबाद, पंचजन्य फिलिंग सेंटर खुजौली मोहनलालगंज, अनुराग आटोमोबाइलस पीजीआई रोड, पायनियर सर्विस स्टेशन विधानसभा मार्ग, अग्रवाल ब्रदर्स जियामऊ, प्रकाश आटोमोबाइल्स अशोक मार्ग, फ्यूल वन एमजी मार्ग हाथी पार्क के सामने, कलावती फिलिंग स्टेशन अहिमामऊ, प्रथम फिलिंग स्टेशन, शिवानी यादव केएसके अस्ती रोड बीकेटी, साई आटो के डीलरों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था।
देखें, इन पर भी मई में दर्ज हुआ था केस
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एचपीसीएल के 10 पंप डीलरों में सुपर सर्विस स्टेशन, मै. हमारा पंप गोपरामऊ क्रॉसिंग मलिहाबाद, मान फिलिंग स्टेशन सिसेंडी मोहनलालगंज, आशा सर्विस स्टेशन गौरा रायबरेली रोड, गणेशदास राम गोपाल चारबाग, मां वैष्णो फिलिंग सेंटर आशियाना, रंजन सर्विस स्टेशन एमजी मार्ग, रिपब्लिक सर्विस स्टेशन, शहीद हरि सिंह फिलिंग स्टेशन इटौंजा, एसएस फिलिंग स्टेशन आईआईएम रोड, बीपीसीएल का विनायक फिलिंग स्टेशन और एस्सार कंपनी का चांदन फिलिंग स्टेशन कार्रवाई के घेरे में आए थे।
साकेत फिलिंग सेंटर फैजाबाद रोड, स्टैंडर्ड फ्यूल सेंटर मड़ियांव, मान फिलिंग स्टेशन पुरनिया सीतापुर रोड, ब्रिज ऑटो केयर समता मूलक चौराहा, लालता प्रसाद वैश्य एंड संस डालीगंज क्रॉसिंग, शिवनारायण एंड संस कैंट महात्मा गांधी मार्ग, लालता प्रसाद वैश्य एंड संस निकट केजीएमयू, लखनऊ फिलिंग स्टेशन कोनेश्वर ठाकुरगंज, मैसर्स हमारा पंप मोहनलालगंज।
फैक्ट फाइल
202 राजधानी में कुल पंप
43 पंपों में पकड़
21 पंपों की डीलरशिप अब तक निरस्त
8 पंप घटतौली में पकड़े गए
ओईएम लैब को भेजे गए मशीनों के नमूनों की जांच रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। संबंधित तेल कंपनियों के साथ ओईएम लैब से रिपोर्ट तलब की गई है। इनके मिलने के बाद ही मशीनों में टैंपरिंग करने या बाटमाप विभाग की सील क्षतिग्रस्त करने वाले पंप डीलरों के खिलाफ विधिक स्तर पर कार्रवाई तय होगी। -आलोक कुमार, कमिश्नर खाद्य व रसद विभाग