बख्शी का तालाब। इटौंजा के कठवारा गांव से भाई को राखी बांधकर बेटे मोहित के साथ घर जा रहीं अंजू पर पहले से घात लगाए बैठे दो युवकोंं ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। इसमेंं मां-बेटे घायल हो गए। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अंजू की बेटी मोहिनी ने 16 जून की रात इटौंजा बगहा स्थित घर में फंदा लगाकर जान दे दी थी। मोहिनी के अधिवक्ता पिता रामलखन ने कठवारा निवासी दो युवकों के खिलाफ बेटी की आत्महत्या के संबंध में इटौंजा थाने पर लिखित शिकायत की थी। मोहिनी की आत्महत्या के पीछे उसका प्रेमी अंजू व भाई मोहित को दोषी मानने लगा था। रक्षाबंधन को अंजू, बेटे मोहित के साथ भाई जितेंद्र गौतम को राखी बांधने के लिए कठवारा गई थीं। वहां से लौटते वक्त शिवपुरी रोड के पास उन पर धारदार हथियार से हमला हुआ। हमले में दोनों के गर्दन पर गंभीर चोट लगी। उन्हें बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इंस्पेक्टर बीकेटी संजय कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित ने कोई तहरीर नहीं दी है।
पहले मामा के घर रहती थी मोहिनी
मोहिनी कठवारा में अपने मामा के घर रहती थी। उसी गांव में आरोपी युवक से उसकी दोस्ती हो गई थी। इस बात को लेकर आरोपी युवक व मोहिनी के भाई मोहित के बीच झगड़ा भी हुआ था, जिसमें अलीगंज पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच सुलह करवाई थी। आरोपी युवक के मुताबिक मोहिनी की मां अंजू दोनों की शादी के लिए तैयार थी, लेकिन जब जून में वह अपनी ससुराल इटौंजा बगहा गई तो शादी के बाद सेे मुकर गईं।