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डेडलाइन खत्म, दीपोत्सव से पहले पूरे नहीं हो सके काम, अब अस्थाई मंच पर होंगे विराजमान

Thu, 10 Oct 2019 09:32 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला अयोध्या
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अधूरा पड़ा काम - फोटो : amar ujala
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अयोध्या में दिव्य दीपोत्सव की तैयारी को लेकर चल रहे काम तय समय बीतने के बाद भी अधूरे हैं। स्थाई मंच, कोरिया पार्क, आधुनिक बस अड्डा जैसे कई काम समय से पूरे नहीं हो पाएंगे। जबकि दीपोत्सव की भव्यता को योगी सरकार करोड़ों की धनराशि दे रही है, लेकिन कार्यदायी संस्थाओं की लेटलतीफी इन तैयारियों पर भारी पड़ रही है। 
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दीपोत्सव के उद्घाटन स्थल रामकथा पार्क के मंच को तोड़कर विस्तार देते हुए सबसे ऊंचा मंच रामराज्याभिषेक के लिए और उससे ठीक नीचे राज्यपाल, मुख्यमंत्री समेत योगी सरकार की कैबिनेट का स्थाई मंच बनना था। सरकार ने 3.75 करोड़ रुपये भी आवंटित किए, मगर अब अस्थाई मंच बनाया जा रहा है। इसी मंच पर रामादल समेत पूरी सरकार विराजेगी। 

रामकथा पार्क के विस्तार का काम दीपोत्सव तक पूरा नहीं हो सकेगा। इसी तरह कोरिया पार्क, आधुनिक बस अड्डा, पार्किंग सहित अन्य काम भी अधूरे पड़े हैं। जबकि इन सभी कार्यों को 10 अक्तूबर तक तय समय में पूरा करने का लक्ष्य दिया गया था।
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मुख्यमंत्री ने पिछले दीपोत्सव में ही रामकथा पार्क के विस्तार का निर्देश दिया था। पार्क के विस्तारीकरण का काम इस दीपोत्सव तक पूरा नहीं हो सकेगा। कोरिया पार्क का भी विस्तारीकरण पिछले माह से शुरू हो चुका है। साकेत तीर्थयात्री केंद्र अब कोरिया पार्क का हिस्सा होगा, यह काम भी इस दीपोत्सव तक पूरा होता नहीं दिख रहा है। 

अंतरराष्ट्रीय बस अड्डे का निर्माण तेज गति से चल रहा है। लेकिन जमीन के विवाद में फंसा पार्किंग का निर्माण पूरा होता नहीं दिख रहा है। तुलसी उद्यान में भी विकास कार्य की गति धीमी है। नयाघाट मुख्य मार्ग पर स्थित निर्माणाधीन राम प्रवेश द्वार भी समस्या का सबब बन सकता है। विगत दिनों निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव, पर्यटन जितेंद्र कुमार ने इस प्रवेश द्वार को हटाने का निर्देश दिया था, लेकिन कोई योजना नहीं बन सकी है। 

यह स्थिति तब है जब मुख्यमंत्री समेत मुख्य सचिव से लेकर जिला के आला अधिकारी लगातार विकास कार्यों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। 14 अक्तूबर के बाद कभी भी मुख्यमंत्री विकास कार्यों का निरीक्षण करने अयोध्या पहुंच सकते हैं। लेकिन अधिकतर कार्य सुस्त रफ्तार से चल रहे हैं।

अब तक दुरुस्त नहीं हो सकीं अयोध्या की गलियां

दीपोत्सव से पूर्व रामनगरी की गलियां भी दुरुस्त नहीं हो सकेंगी। रामनगरी में 258 गलियां हैं जिनमें से 173 का सर्वे कर लिया गया है। इनमें लोक निर्माण विभाग को 19, नगर निगम को 148, अयोध्या विकास प्राधिकरण को 2, पर्यटन विभाग को 3 तथा ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को 1 गली की मरम्मत करानी है। कनकभवन के पास से विभीषण कुंड मार्ग तक जाने वाले 1400 मीटर मार्ग में अब कोबल पत्थर की जगह पिंक स्टोन पत्थर लगाए जाने हैं। यह काम अभी अधूरा पड़ा है।

मुख्य सड़क के दोनों तरफ रंगाई अब राम की पैड़ी तक रहेगी सीमित
इस दीपोत्सव राम की पैड़ी सहित मुख्य मार्ग के दोनों तरफ स्थित भवनों को भी रंगने व सजाने की योजना थी। इसके लिए राजकीय निर्माण निगम ने 4 करोड़ का आगणन शासन को भेजा था, लेकिन अभी इस योजना को स्वीकृति नहीं मिल सकी है। जिसके चलते अयोध्या के मुख्य मार्ग के दोनों तरफ भवनों को एक रंग में रंगने की योजना दीपोत्सव तक पूरी नहीं हो सकेगी। हालांकि राम की पैड़ी के आसपास स्थित भवनों, मठ-मंदिरों को सजाने का काम शुरू हो चुका है।
 
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राम की पैड़ी में अविरल जल प्रवाह की टेस्टिंग 15 को, फिनिशिंग बाकी  

राम की पैड़ी के अविरल जल प्रवाह का काम पूरा होने को है। सरयू नहर खंड के अधिशाषी अभियंता जय सिंह ने बताया कि पंप हाउस की क्षमता बढ़ाई जा चुकी है। दो पुल का भी काम भी लगभग पूरा हो चुका है। स्कैप चैनल का काम पूर्ण होने को है। बताया कि 15 अक्तूबर को राम की पैड़ी के अविरल जल प्रवाह की टेस्टिंग की जाएगी। बताया कि केवल  फिनिशिंग बाकी है। सारे काम दीपोत्सव से पहले ही पूरे हो जाएंगे।

दिव्य दीपोत्सव को ऐतिहासिक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। जिलाधिकारी ने 10 अक्तूबर तक सभी कार्य पूरे करने की डेडलाइन तय की थी। अब इसकी मॉनिटिरिंग की जाएगी। जानबूझकर लापरवाही सामने नहीं आनी चाहिए। दीपोत्सव से पहले अयोध्या को सजाने-संवारने के काम पूरे कर लिए जाएंगे।
आरपी यादव, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी
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