मृत फार्मासिस्ट (सांकेतिक तस्वीर)
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स्वास्थ्य महानिदेशालय ने मृत फार्मासिस्ट का भी तबादला कर दिया है। शुक्रवार को थोक में किए तबादलों में दिव्यांग, गंभीर रूप से बीमार, दाम्पत्य नीति के दायरे में आने वाले और फार्मासिस्ट संघ के पदाधिकारी भी शामिल हैं। वहीं कई ऐसे भी नाम सूची में शामिल हैं, जो उस जिले में तैनात ही नहीं हैं। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. पद्माकर सिंह को पत्र लिखकर नीति विरुद्ध तबादलों पर विरोध जताया है।
स्वास्थ्य महानिदेशालय से 28 जून को जारी तबादला सूची में 30 नंबर पर महेंद्र सिंह का नाम हैं। जबकि उनका निधन हो चुका है। इसी तरह छह सेवानिवृत्त चीफ फार्मासिस्टों के नाम सूची में हैं। पांच ऐसे फार्मासिस्ट का सूची में नाम हैं जो उस जिले में ही नहीं हैं। इसी तरह ऐसे फार्मासिस्ट भी सूची में हैं जिनकी नियुक्ति ही नहीं है। दाम्पत्य, विकलांग आश्रित, गंभीर बीमारी से पीड़ित 60 से ज्यादा फार्मासिस्टों के नाम तबादला सूची में शामिल हैं।
डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप बडोला ने बताया कि महोबा केअध्यक्ष संतोष कुमार सिंह, मेरठ के अध्यक्ष विजय कुमार, हापुड़ के मंत्री योगेंद्र नाथ सचान, रामपुर के अध्यक्ष राम भरोसे लाल गंगवार, बदायूं के मंत्री रमेश चंद्र कटियार, बुलंदशहर के अध्यक्ष जगदीश तेवतिया, चित्रकूट के अध्यक्ष राधेश्याम सिंह, पीलीभीत के अध्यक्ष सुशांत कुमार, फतेहपुर के अध्यक्ष अरुणेश चंद्र सिंह का भी तबादला कर दिया गया है। जबकि यह सभी स्थानांतरण नीति के दायरे से बाहर हैं। महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. पद्माकर सिंह का कहना है कि फार्मासिस्टों की आपत्तियां ले ली गई हैं। देखा जा रहा है कि कहां गलतियां हुई हैं।