रुपईडीह (गोंडा) में घुचुवापुर से दो दिन पहले देर रात अपहृत सेवानिवृत्त गन्ना पर्यवेक्षक की बदमाशों ने हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को बोरे में भरकर फरेंदा शुक्ल गांव के पास नहर में फेंक दिया गया। बुधवार की देर शाम नहर में गांव वालों ने एक बोरा नहीं में उतराता देखा तो पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बोरे को खुलावाया तो उसमे शव निकला। सेवानिवृत्त गन्ना पर्यवेक्षक के बेटे ने शव की शिनाख्त पिता के रूप में की है। फिलहाल पुलिस हत्या के मोटिव को तलाशने में जुटी है। सेवानिवृत्त गन्ना पर्यवेक्षक किसी रंजिश आदि की संभावनाओं पर पुलिस जनपद समेत बहराइच जनपद के उनके संपर्कों को खंगालना शुरू कर दिया है।
जनपद बहराइच के विशेश्वरगंज थाना क्षेत्र के ककरहा रानियापुर गांव निवासी राम सेवक तिवारी गन्ना सहकारी विकास समिति मैजापुर में गन्ना पर्यवेक्षक थे। वह वर्ष 2015 में गन्ना पर्यवेक्षक पद से सेवानिवृत्त हुए थे। कौड़िया थाना क्षेत्र के घुचुवापुर कस्बे में भी उन्होंने एक आवास बना रखा था। जिसमें उनका बेटा प्रवीन कुमार तिवारी दुकान करता है। राम सेवक तिवारी दुकान की रखवाली के लिए हररोज रात में दुकान पर सोने आते थे। 15 अगस्त की रात करीब दस बजे वह खाना खाने के बाद दुकान पर पहुंचे। वहां से रात 11 बजे बजे खेत देखने के लिए गए थे। जहां पर उनका बेटा खेत की रखवाली कर रहा था। वहां बेटे से दुकान पर जाने के लिए बताकर निकले थे। मगर वह दुकान पर नहीं पहुंचे।
प्रवीण कुमार तिवारी के मुताबिक उसके पिता के मोबाइल फोन से देर रात एक अनजान व्यक्ति ने कॉल करके बताया कि उसके पिता का अपहरण कर लिया है। पिता की रिहाई के बदले 11 लाख रुपए फिरौती मांगी। प्रवीण कुमार तिवारी की तहरीर पर पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस की पड़ताल के दौरान बुधवार की देर शाम सेवानिवृत्त गन्ना पर्यवेक्षक का शव खरगूपुर थाना क्षेत्र के फरेंदा शुक्ल गांव के समीप सरयू नहर में बोरे में उतराता पाया गया। गांव वालों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जब बोरे को खुलावाया तो उसमे शव मिला। प्रवीण कुमार तिवारी ने शव की शिनाख्त पिता के रूप में की है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हालांकि हत्या के पीछे मोटिव क्या था, इसका पुलिस पता नहीं लगा पाई है। हत्या के पीछे जनपद समेत बहराइच जनपद में सेवानिवृत्त गन्ना पर्यवेक्षक के संपर्कों को खंगालने में जुटी है।
पुलिस को गुमराह करने इरादे से मांगी थी फिरौती की रकम
सेवानिवृत्त गन्ना पर्यवेक्षक राम सेवक तिवारी की हत्या के इरादे से बदमाशों ने उनका अपहरण किया था। अपहरण के बाद हत्या करके शव को फरेंदा शुक्ल गांव के पास सरयू नहर में फेंक दिया। इधर, पुलिस अपहरण को लेकर उनकी तलाश करती रही। पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने बताया कि बदमाशों ने पुलिस को गुमराह करने के इरादे से अपहरण के बाद फिरौती की रकम 11 लाख रुपये मांगी थी। पुलिस टीम अपहृत की तलाश में जुटी थी। मगर बदमाशों ने हत्या करके शव को बोरे में भरकर फेंक दिया। बताया कि प्रथम दृष्टया रंजिश में हत्या किया जाना प्रतीत हो रहा है। जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी।