मोहनलालगंज के धनवारा में सोमवार को संदिग्ध हालात में ई-रिक्शा चालक प्रदीप सिंह (35) का शव फंदे से लटकता मिला।
इससे पहले रविवार रात में चालक का पत्नी से झगड़ा हुआ था। उसके 10 वर्षीय बेटे ने मां व उसके साथी पर हत्या कर शव लटकाने की बात कही है।
चालक के भाई महेंद्र सिंह ने हत्या का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है। पुलिस आरोपी महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
प्रभारी निरीक्षक मोहनलालगंज कुलदीप दूबे के मुताबिक, चालक के बेटे ने बताया कि रविवार की रात मां ज्योति अपने साथी योगेंद्र सिंह चौहान के साथ स्कूटी से आई थी।
इसके बाद दोनों ने पापा की पिटाई की और कमरे में ले गए। दोनों लोग रस्सी भी लाए थे। बच्चे ने बताया कि शोर मचाने पर मां ने उसे घर के ऊपर वाले हिस्से में भेज दिया।
कुछ देर बाद मां बड़ी बेटी को लेकर चली गईं। इसके बाद उसके बड़े भाई ने कमरे में जाकर देखा तो पिता फंदे से लटकते हुए छटपटा रहे थे।
यह देखकर दोनों बच्चे सहम गए और अंधेरा होने के चलते छह घंटे तक बैठे रहे। सुबह होने पर बाहर निकले और शोर मचाया। पड़ोसियों को पूरी बात बताई।
इस बीच मौत की सूचना पर प्रदीप के ससुरालीजन भी पहुंच गए। इससे गांव के लोगों का पारा चढ़ गया और ज्योति पर हत्या का आरोप लगाकर हंगामा करने लगे। मारपीट की नौबत आ गई।
पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया। पुलिस के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर के दाहिने तरफ व पीछे चोट के निशान हैं। हाथ-पैरों में भी चोट के निशान हैं। फिलहाल बिसरा सुरक्षित रखा गया है।
पांच महीने पहले छोड़कर चली गई थी
प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, ई-रिक्शा बेचने के बाद घर में तंगी होने से प्रदीप व ज्योति में आए दिन झगड़ा होने लगा था। प्रदीप ने पैतृक जमीन बेचकर पक्का मकान बनवाया था और कृषि भूमि भी खरीदी थी, जिसे पत्नी के नाम कर दिया था। करीब पांच महीने पहले ज्योति पति को छोड़कर योगेंद्र के साथ रहने लगी थी।
बेटी को परेशान करने का आरोप
प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, जानकारी में आया है कि प्रदीप अपनी तेरह वर्षीय बेटी को परेशान करता था। रविवार को तंग करने पर बेटी ने मां को कॉल की थी। इसके बाद ही ज्योति अपने साथी के साथ पहुंची थी। झगडे़ के दौरान ज्योति ने मोबाइल से वीडियो भी बनाया था।