सूरज उनके पड़ोसी व महानगर के एक रेस्टोरेंट में बतौर शेफ काम करने वाले प्रकाश यादव का बेटा था। अवधेश ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे सूरज बाइक लेकर उनके घर आया और अनुज को अपने साथ लेकर चला गया।
काफी देर तक दोनों लौटकर नहीं आए तो परिवारीजन परेशान हो गए। उन्होंने खोजबीन शुरू की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। शनिवार शाम तक भी बच्चे नहीं मिले तो रात को दोनों के परिवारीजन गोमतीनगर थाना पहुंचे और गुमशुदगी की सूचना दी।
प्रभारी निरीक्षक ने देर रात वॉट्सएप पर बच्चों के शवों के फोटो दिखाए, लेकिन परिवारीजन ठीक से पहचान नहीं सके। रविवार सुबह मॉर्च्युरी पहुंचकर उन्होंने शवों की शिनाख्त की। अनुज और सूरज की मौत का पता चलते ही परिवारीजनों में कोहराम मच गया।
मुहल्ले में भी शोक की लहर दौड़ गई। किशोरों की बाइक, पर्स व अन्य सामान न मिलने और पोस्टमार्टम में सिर पर चोट की पुष्टि होने से मामला और उलझ गया। परिवारीजनों ने लूटपाट के बाद किशोरों की हत्या कर शव नहर में फेंकने का आरोप लगाया है। गोसाईंगंज थाना के प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि किशोरों की गुमशुदगी की सूचना गोमतीनगर थाना में दर्ज है। इसलिए विवेचना वहीं की पुलिस करेगी।
किशोरों के साथ कोई तीसरा व्यक्ति भी होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि अगर किशोर नहर में सिर्फ नहाने और मौज-मस्ती करने के लिए आए थे तो कोई तीसरा या चौथा दोस्त अथवा व्यक्ति भी उनके साथ होगा।
किशोरों की नहर में डूबकर मौत के बाद उसके साथी घबराकर बाइक, पर्स व अन्य सामान लेकर भाग गए होंगे। पुलिस इस आशंका में भी पड़ताल कर रही है।