मुख्यमंत्री योगी ने निर्देश दिया है कि प्रदेश में राज्य आपदा प्रबंधन बल और पीएसी की जल पुलिस को प्रदेश की सभी नदियों में पेट्रोलिंग के लिए लगाया जाए। यह फोर्स नावों के सहारे पूरे प्रदेश की नदियों में भ्रमण करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी परम्परा के नाते नदियों में शव न बहाए।
यूपी की नदियों में लोग अब शव नहीं बहा सकेंगे। राज्य सरकार ने इस पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को नदियों में शव बहाने पर सख्ती से रोक लगाने को कहा है। शव बहाने वालों पर जुर्माना भी लगाने पर विचार किया जा रहा है।
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मुख्यमंत्री ने गृह विभाग को निर्देश दिया है कि प्रदेश में राज्य आपदा प्रबंधन बल (एसडीआरएफ) और पीएसी की जल पुलिस को प्रदेश की सभी नदियों में पेट्रोलिंग के लिए लगाया जाए। यह फोर्स नावों के सहारे पूरे प्रदेश की नदियों में भ्रमण करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी परम्परा के नाते नदियों में शव न बहाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि प्रदेश में नदियों के किनारे स्थित सभी गांवों तथा शहरों में ग्राम विकास अधिकारी व ग्राम प्रधान तथा शहरों में निकायों के कार्यकारी अधिकारी व निर्वाचित प्रतिनिधियों के माध्यम से समितियां बनाकर यह सुनिश्चित किया जाए कि उनके गांव तथा शहर में से कोई भी व्यक्ति परम्परा के नाते नदियों में शव न बहाए।
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सीएम ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति जिसकी मृत्यु हुई है उसे सम्मानजनक रूप से अंत्येष्टि का अधिकार है। प्रदेश सरकार द्वारा पूर्व में ही प्रत्येक नागरिक जिसकी दु:खद मृत्यु हुई है ऐसे नागरिकों के सम्मान पूर्व अंत्येष्टि के लिए धनराशि स्वीकृत की गई है। ऐसे में यदि परम्परागत रूप से भी जल-समाधि हो रही है अथवा कोई लावारिस छोड़ रहा है तो भी उसकी सम्मानजनक तरीके से धार्मिक मान्यताओं के अनुसार उसका अंतिम संस्कार कराकर किसी भी दशा में किसी को धार्मिक परंपराओं के नाते नदी में शव न बहाने दिया जाए। यदि आवश्यक हो तो स्थानीय स्तर पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
सरकार का कहना है कि शव अथवा मरे हुए जानवर बहाने से नदी प्रदूषित होती है। प्रदेश सरकार व केंद्र सरकार नदियों को साफ करने के लिए विशेष कार्यक्रम भी चला रही है। इस संबंध में गृह विभाग, नगर विकास विभाग, ग्राम विकास, पंचायत विभाग तथा पर्यावरण विभाग मिलकर एक कार्य योजना बनाएं, जिससे कि पूरे प्रदेश में परंपरा के नाते शव किसी भी दशा में न बहाए जाएं।