उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शैक्षणिक रूप से पिछड़े विकास खंडों में 128 सीएम आवासीय बालिका विद्यालयों का निर्माण कराया जाएगा। इन विद्यालयों में कक्षा छह से 12वीं तक की पढ़ाई होगी। हर विद्यालय का निर्माण 24.23 करोड़ की लागत से किया जाएगा। खास यह कि इन विद्यालयों में आवासीय सुविधा के साथ ही कई अत्याधुनिक लैब, खेलकूद आदि की पूरी सुविधाएं भी मिलेंगी।
हाल ही में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से पहले चरण में 31 विद्यालयों के लिए 751 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। अब इनके निर्माण की आवश्यक प्रक्रिया शुरू होगी। इसमें प्रत्येक विद्यालय 210 छात्राओं की क्षमता का होगा। यहां पर विज्ञान वर्ग में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान लैब, लाइब्रेरी, कम्प्यूटर लैब, लर्निंग बाई डुइंग लैब, एक्टिविटी हाल, मीटिंग, प्राचार्य व स्टाफ कक्ष आदि की सुविधा मिलेगी।
अकादमिक ब्लाक के साथ ही छात्रावास की भी सुविधा होगी। छात्रावास में छात्राओं के लिए कमरे, विजिटर रूम, चिकित्सा कक्ष, वार्डेन कक्ष, गार्ड रूम, कॉमन रूम आदि की व्यवस्था होगी। साथ ही खेलों की बेहतर सुविधा मिलेगी। इसके लिए बैडमिंटन कोर्ट, वॉलीबॉल कोर्ट, खो-खो ग्राउंड, इंडोर गेम हाल की व्यवस्था होगी। भोजन के लिए अत्याधुनिक किचन के साथ डायनिंग हाल भी बनाया जाएगा। इस तरह छात्राओं के बहुमुखी विकास की सुविधा यहां पर मिलेगी।
नागर शैली में बनेंगे इसके भवन
इन विद्यालयों के भवन की संकल्पना भी सामान्य से थोड़ा अलग की गई है। यह भवन नागर शैली में बनेंगे। जो ज्ञान व शिक्षा के नए केंद्र के रूप में विकसित होंगे।
''टेम्पल टाउन टू लर्निंग विलेज'' की अवधारणा पर बनने वाले ये भवन भी ग्रामीण क्षेत्र में छात्राओं को आकर्षित करने का काम करेंगे। जहां पर पढ़ाई का अच्छा माहौल मिलेगा। इस तरह इन विद्यालयों को डिजाइन किया गया है।