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रेलवे अफसर की बेटी स्कूल में गुमसुम, घर पर खामोश, सोशल मीडिया से अनजान

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रेलवे अफसर की बेटी स्कूल में गुमसुम, घर पर खामोश, सोशल मीडिया से अनजान
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रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (सूचना) राजेश दत्त बाजपेई की अवसादग्रस्त बेटी स्कूल में गुमसुम रहती थी। उसके साथ पढ़ने वाले एक छात्र ने बताया कि वह सबसे आगे की सीट पर बैठती थी।
उसकी किसी से बातचीत नहीं होती थी। वह अकेले रहना ही पसंद करती थी। पढ़ाई में वह अच्छी थी। संगीत और साज में भी पारंगत थी। फिर भी उसका कोई दोस्त नहीं था।
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छात्रा घर पर भी खामोश रहती थी। उसका घर से ज्यादा बाहर आना-जाना नहीं था। वह सिर्फ परिवारीजनों के साथ ही कभी-कभार घर से बाहर आती-जाती थी। उसकी सोशल मीडिया में भी बिल्कुल रुचि नहीं थी।
छात्रा ने अपना फेसबुक अकाउंट बनाया था, लेकिन उस पर 30 मार्च 2014 को सिर्फ दो फोटो ही पोस्ट की गई थीं। एक उसको अपना प्रोफाइल फोटो था और दूसरा उसका शूटिंग चैंपियनशिप में भाग लेने का प्रमाणपत्र है।
इसके बाद उसने कोई भी पोस्ट नहीं डाली। छात्रा की फेसबुक प्रोफाइल में उसका पिता के अलावा कोई दोस्त भी नहीं है। उसकी इंस्टाग्राम और ट्विटर पर कोई आईडी नहीं है।
छात्रा ने पुलिस को बताया कि उसका कोई भी अपना नहीं था सिवा एक दोस्त के। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोहरे हत्याकांड की शुरुआती पड़ताल में छात्रा ने यह जानकारी दी तो सबके होश उड़ गए।
पुलिस अधिकारियों ने समझा कि छात्रा ने किसी बात पर नाराज होकर अपने दोस्त के साथ मां और भाई की हत्या की है। हालांकि, बाद में छात्रा को हेलुसिनेशन की बीमारी से ग्रसित होने का राज खुला।
छात्रा ने बताया कि जब वह कक्षा सात में थी तबसे दोस्त रिशू उसके साथ है। पुलिस ने पूछा रिशू कहां है? कहां रहता है? क्या करता है? तो छात्रा ने बताया कि वह कहीं नहीं है।
वह उसका अदृश्य दोस्त है और उसके दिमाग में रहता है। छात्रा ने कहा कि रिशू के कहने पर ही उसने मां और भाई को गोली मारी थी। मनोचिकित्सक यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि रिशू का चरित्र छात्रा से कब और कैसे जुड़ा?
अदृश्य दोस्त ने छात्रा से खुद को भी मारने को कहा था
छात्रा ने बताया कि उसके अदृश्य दोस्त ने खुद को भी मारने के लिए कहा था। उसके कहने पर ही छात्रा ने नहाने के बाद शीशे में जैम से ‘डिसक्वालीफाइड ह्यूमन’ लिखा और आलमारी से पिता की लाइसेंसी पिस्टल निकालकर उसके बीचो-बीच गोली मारी थी। छात्रा ने पुलिस को बताया कि दरअसल उसने शीशे के सामने खडे़ होकर अपने अक्स पर गोली चलाई थी। इसके बाद वह मां के कमरे में पहुंची, जहां दोनों बेड पर सो रहे थे। उसने दोनों के सिर की तरफ खड़े होकर एक-एक गोली उन्हें मार दी।
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छात्रा के आसपास से हटाईं नुकीली व धारदार वस्तुएं
छात्रा के अवसाद की स्थिति में खुद को नुकसान पहुंचाने की आशंका से उसके परिवारीजन और अधिकारी खास सतर्कता बरत रहे हैं। पुलिस आयुक्त सुजीत पांडेय ने बताया कि छात्रा को एक भी सेकेंड के लिए अकेला नहीं छोड़ा जा रहा है। छात्रा पहले ही अपने हाथों में रेजर से कई बार चोट पहुंचा चुकी है। उसके आसपास कोई भी नुकीली, धारदार अथवा वजनी वस्तु नहीं रखी जा रही है। छात्रा के साथ सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी रह रहे हैं या उसके परिवार के सदस्य।
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