ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि तकनीकी टीम की रिपोर्ट के बाद ही मंदिर निर्माण की तिथि व भूमि पूजन का मुहूर्त तय हो पाएगा। तकनीकी लोग उसका सही आकलन कर तय करेंगे कि मौलिक काम शुरू करने के लिए पूजन कब प्रारंभ करें।
रामनवमी पर भूमि पूजन के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता अयोध्या आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा है। रामनवमी पर यहां 15 से 20 लाख लोग आते हैं। वे भगवान के दर्शन करें, पूजन करें और अपने घर जाएं, यह हमारा पहला कर्तव्य है।
इस दौरे में विहिप के प्रस्तावित 128 फीट ऊंचे, 140 फीट चौड़े व 268.5 फीट लंबे भगवान विष्णु के पसंदीदा अष्टकोणीय आकार के मंदिर को बेहतर ठहराया गया, लेकिन बाकी बचे 67 एकड़ के परिसर समेत अन्य जर्जर पौराणिक मंदिरों व भवनों को आधुनिक सुख-सुविधाओं के साथ संवारने की जरूरत बताई गई। ट्रस्टियों के साथ मंथन के दौरान परिसर के आवासीय क्षेत्र पर भी चर्चा हुई। इसे राममंदिर से दूर अलग छोर पर बनाया जाना है।