अगर यह रिकॉर्ड नहीं बना, तो बहुत जल्द बन जाएगा। दारुल उलूम अब नेट की मदद से 21 हजार फतवे जारी कर चुका है।
तलाक और निकाह के बारे में शरीयत क्या कहती है, अलग-अलग कारोबार करने को लेकर शरीयत में क्या हुक्म दिया गया है और शरीयत के मुताबिक जिंदगी कैसे गुजारें?
ऐसे हजारों सवाल हैं, जिन्हें लेकर देश-विदेश से लोग प्रतिदिन दारुल उलूम से ऑनलाइन सवाल पूछते हैं।
संस्था के रिकॉर्ड के मुताबिक पिछले पांच साल में दारुल उलूम अब तक 21 हजार ऑनलाइन फतवें जारी कर चुका है।
दारुल उलूम से आज से करीब पांच साल पहले तक देश-विदेश में बैठे लोग डाक द्वारा विभिन्न समस्याओं के हल शरीयत की रोशनी में तलाश करने के लिए पत्र भेजकर जवाब मांगते थे।
हालांकि, डाक से प्राप्त फतवों का जवाब देर से पहुंचने के चलते दारुल उलूम ने वर्ष 2009 में ऑनलाइन सवाल पूछे जाने की व्यवस्था आरंभ की थी।
इसे लोगों ने खासा पसंद किया और तेजी के साथ ऑनलाइन सवाल पूछे जाने लगे। संस्था के रिकॉर्ड के मुताबिक पांच साल में 20 हजार 932 फतवे ऑनलाइन दिए जा चुके हैं।
ऑनलाइन फतवा विभाग के प्रभारी मुफ्ती मोहम्मदुल्लाह ने बताया कि उर्दू वर्ग में 13997 जबकि अंग्रेजी में 6935 फतवों का जवाब दिया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रतिदिन लगभग 10 से 15 फतवे ऑनलाइन आते हैं, जिन्हें दारुल इफ्ता में मुफ्तियों के पास भेजा जाता है।
मुफ्ती मोहम्मदुल्ला के मुताबिक ऑनलाइन फतवा दिए जाने की व्यवस्था आरंभ होने से लोगों का रुझान शरीयत की तरफ तेजी से बढ़ा है।