दारुल उलूम निजामिया ने आईएसआईएस को गैर इस्लामी संगठन घोषित करते हुए मुस्लिम नौजवानों को इससे दूर रहने की हिदायत दी है। निजामिया की ओर से बुधवार को जारी फतवे में मुस्लिम नौजवानों से कहा गया है कि वे आईएसआईएस से कतई प्रभावित न हों।
दारुल उलूम निजामिया के नाजिम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने बताया कि आईएसआईएस को लेकर मुस्लिम युवा गुमराह हो रहे थे। उन्हें आईएसआईएस से दूर रखने के मकसद से यह फतवा जारी किया गया है।
फतवे में आईएसआईएस को आतंकी संगठन व इंसानियत का दुश्मन करार दिया गया है। मौलाना ने कहा कि इस्लाम अमन व सलामती का मजहब है। दहशतगर्दी का इस्लाम से कोई वास्ता नहीं है।
मौलाना ने कुरान की आयत का हवाला देते हुए आईएसआईएस की गतिविधियों को गैर इस्लामी, गैर मजहबी और गैर इंसानी बताया है। उन्होंने स्वीकारा कि यह संगठन मजहब के नाम पर दहशतगर्दी फैलाकर इंसानियत का खून बहा रहा है।
इस फतवे के जरिये मुस्लिम नौजवानों, विशेषकर हिंदुस्तान के नौजवानों को हिदायत दी गई है कि जुल्म करने वालों को खुदा जन्नत में जगह नहीं देता है। इसलिए आईएसआईएस के बहकावे व झूठे प्रचार से प्रभावित होकर उसमें शामिल न हों।