यूपी सरकार में मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि समाजवादी पार्टी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि PDA के प्रति उसकी प्रतिबद्धता कितनी वास्तविक है। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों के हितों की बात करती है तो राज्यसभा में प्रतिनिधित्व देने के दौरान इन समुदायों को मौका क्यों नहीं मिला?
{{#eligible}}
सभी खबरें बिना रुकावट पढ़ने के लिए
अमर उजाला एप डाउनलोड करें
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। उन्होंने राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन को लेकर सपा के PDA (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर सवाल उठाए। दानिश ने कहा कि अखिलेश यादव चुनाव के समय PDA की बात करते हैं, लेकिन जब इन वर्गों को सत्ता और प्रतिनिधित्व देने का मौका आता है तो उन्हें भुला दिया जाता है।
विज्ञापन
दानिश आजाद अंसारी ने सवाल किया कि जब सपा के पास राज्यसभा की दो सीटों पर उम्मीदवार भेजने का मौका था, तब पिछड़े, दलित और मुस्लिम समाज के किसी व्यक्ति को प्रतिनिधित्व क्यों नहीं दिया गया? उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने इन वर्गों की जगह एक संपन्न और प्रभावशाली परिवार से जुड़े व्यक्ति को प्राथमिकता दी।
Trending Videos
राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन पर उठाए सवाल
मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि समाजवादी पार्टी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि PDA के प्रति उसकी प्रतिबद्धता कितनी वास्तविक है। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों के हितों की बात करती है तो राज्यसभा में प्रतिनिधित्व देने के दौरान इन समुदायों को मौका क्यों नहीं मिला?
उन्होंने कहा, "वोट मांगते समय PDA याद रहता है, लेकिन सत्ता और फायदे बांटने के समय इसे भुला दिया जाता है। यह दोहरा मापदंड नहीं चलेगा।" दानिश ने दावा किया कि सपा का यह रवैया जनता के सामने उसकी राजनीति को उजागर करता है।
2027 में भाजपा की सरकार बनने का दावा
दानिश आजाद अंसारी ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा एक बार फिर प्रदेश में सरकार बनाएगी और डबल इंजन की सरकार की वापसी होगी। उन्होंने कहा कि सपा चाहे जितनी कोशिश कर ले, 2027 में भाजपा को सत्ता में आने से नहीं रोक पाएगी।
अखिलेश ने कहा था- 2027 में भाजपा का होगा सफाया
इससे पहले 22 अक्तूबर को सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने दावा किया था कि उनकी पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह एकजुट है और प्रदेश से भाजपा का सफाया करेगी। उन्होंने जाति जनगणना और आबादी के अनुपात में आरक्षण देने की मांग का भी समर्थन किया था।
अखिलेश ने कहा था कि पिछड़े, दलित और वंचित समुदायों को उनकी आबादी के अनुपात में आरक्षण मिलना चाहिए। उन्होंने बिंद, निषाद और कश्यप समेत विभिन्न पिछड़े और वंचित वर्गों का उल्लेख करते हुए कहा था कि सभी समुदाय अपने जनसंख्या अनुपात के आधार पर आरक्षण की मांग कर रहे हैं।
जाति जनगणना और आरक्षण की मांग पर सपा का जोर
अखिलेश यादव ने कहा था कि जाति जनगणना की मांग अब कई राजनीतिक दलों के बीच एक साझा मुद्दा बन चुकी है। खासकर पिछड़े वर्गों, दलितों और उन समुदायों में इसे लेकर मांग तेज है, जिन्हें लगता है कि उन्हें उनकी आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व और आरक्षण नहीं मिल रहा है।
उन्होंने जाति जनगणना का समर्थन करते हुए कहा था कि इससे विभिन्न सामाजिक वर्गों की वास्तविक आबादी का पता चलेगा और उसी आधार पर उन्हें अधिकार तथा प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
इसी मुद्दे को लेकर अब भाजपा और सपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने जहां PDA के मुद्दे पर सपा को घेरा है, वहीं अखिलेश यादव जाति जनगणना और आबादी के अनुपात में आरक्षण की मांग को लगातार उठा रहे हैं।