लखनऊ। भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में चल रही ग्रीष्मकालीन मासिक कार्यशाला में प्रशिक्षणार्थी नृत्य और वादन के साथ ही नौ दिवसीय योग संवाद कार्यक्रम में भी अभिरुचि दिखा रहे हैं। विवि में योग साधक प्रशांत शुक्ला के निर्देशन में छात्र-छात्राएं व शिक्षक योग के अनेक आसन और प्राणायाम सीख रहे हैं।
योग साधक प्रशांत शुक्ला ने बताया कि भगवान शिव की दो मुद्राओं में से एक नृत्य और दूसरा योग शामिल है। इसलिए नृत्य और योग एक-दूसरे के पूरक हैं। विवि की कुलपति प्रो. मांडवी सिंह ने कहा, योग हमारी संस्कृति और विरासत है। कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को है और तब तक विश्वविद्यालय ने योग से संबंधित कई गतिविधियों की योजना बनाई हैं जिसका क्रियान्वयन किया जा रहा है। भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. सृष्टि धवन ने बताया कि नृत्य और वादन के प्रशिक्षण के साथ प्रतिभागियों को योग के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी दी जा रही है।