कार को करियर (वाहन में लादकर) के जरिए भेजने की बजाय सड़क मार्ग से चलाकर भेजा, जो रास्ते में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस मामले में राज्य उपभोक्ता आयोग अध्यक्ष न्यायमूर्ति अशोक कुमार ने आदेश दिया है कि कार स्वामी को मूवर्स पैकर्स छह लाख रुपये से ज्यादा का हर्जाना दे।
नई तैनाती मिलने पर एक व्यक्ति ने अपने घर का सारा सामान अग्रवाल मूवर्स एंड पैकर्स लि. दिल्ली के जरिए नोएडा भिजवाया जिसमें उसकी कार भी शामिल थी। कार को करियर (वाहन में लादकर) के जरिए भेजने की बजाय सड़क मार्ग से चलाकर भेजा, जो रास्ते में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस मामले में राज्य उपभोक्ता आयोग अध्यक्ष न्यायमूर्ति अशोक कुमार ने आदेश दिया है कि कार स्वामी को मूवर्स पैकर्स छह लाख रुपये से ज्यादा का हर्जाना दे।
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रुद्रपुर निवासी अरविंद कुमार गुप्ता को वर्ष 2014 में नोएडा की एक कंपनी में तैनाती मिली तो उन्हें वहां जाना पड़ा। अरविंद ने अग्रवाल मूवर्स एंड पैकर्स के जरिए अपना घर का सारा सामान नोएडा भेजने के लिए बुक किया, जिसमें उनकी आई- 20 कार भी शामिल थी। तय तो यह था कि कार को भी सामान की तरह ही किसी वाहन के जरिए पैक कर नोएडा पहुंचाया जाएगा। इसके लिए 53,411 रुपये का भुगतान किया। बावजूद इसके पैकर्स ने कार को चालक के जरिए चलाकर ही रवाना करवा दिया। परिणाम यह रहा कि कार रास्ते में दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
15 जनवरी 2015 को कार गाजियाबाद के पिलखुआ क्षेत्र में बुरी हालत में मिली। वर्कशॉप में कार रिपेयर हुई, जिसका खर्च 8,57,010 रुपये बना, जबकि इंश्योरेंस कंपनी ने इसका क्लेम 2,87,000 तय किया। मामला जिला उपभोक्ता आयोग गौमतबुद्ध नगर में गया, जहां फैसला सुनाया गया। आयोग ने कहा कि शिकायतकर्ता को करियर कंपनी 5,93000 रुपये 6 प्रतिशत ब्याज के साथ अदा करे। 50000 रुपये उत्पीड़न और 20000 वाद व्यय अदा करने को कहा गया। इस पर करियर कंपनी ने राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील की। उपभोक्ता आयोग ने कहा कि करियर कंपनी यह राशि तो उपभोक्ता को अदा करे ही साथ साथ 25 हजार रुपये भी कंज्यूमर प्रोटक्शन एक्ट 1986 के तहत जिला उपभोक्ता आयोग गौतबुद्धनगर में वाद निस्तारण के लिए जमा करे।