परिषदीय विद्यालयों से 20 हजार फटे बैग वापस
बेसिक शिक्षा विभाग ने यह स्वीकार किया है कि परिषदीय विद्यालय के छात्रों को वर्तमान शैक्षिक सत्र में जो बैग मुहैया कराए गए थे, उनकी गुणवत्ता खराब है। जो बैग फट गए हैं उनको विभाग ने बदलने का आदेश दिया है। अभी तक जनपद के विद्यालयों से करीब 20 हजार बैग बदलने के लिए एकत्रित किए जा चुके हैं। अमर उजाला ने बैग की खराब गुणवत्ता से संबंधित खबर प्रमुखता से आठ दिसंबर को प्रकाशित की थी।
परिषदीय विद्यालयों के छात्रों को विभाग ने जो निशुल्क बैग मुहैया कराए थे, वे कॉपी-किताबों का बोझ दो माह भी नहीं झेल सकी। बैग किनारों से उधड़ने लगे। तीसरे माह में आते-आते वे कई जगह से फट गए और इस्तेमाल करने के लायक नहीं रहे। अमर उजाला ने प्रमुखता से 8 दिसंबर को बैग की खराब गुणवत्ता से संबंधित खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद विभाग हरकत में आया और खराब गुणवत्ता के संबंध में खंड शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अमर कांत सिंह ने बताया कि इस सत्र में जो बैग मुहैया कराए गए थे, उनमें से जो फट गए हैं, उनको बदलने के लिए कंपनी को निर्देश दिया है। ऐसे बैगों को विद्यालयों से एकत्रित किया जा रहा है। इन्हें बदलकर कंपनी छात्रों को नया बैग मुहैया कराएगी। उन्होंने बताया कि नया बैग देने की जिम्मेदारी उसी कंपनी की है जिसने सप्लाई की थी।
मलिहाबाद व काकोरी में खराब बैग की संख्या सबसे ज्यादा
बीएसए ने बताया कि विद्यालयों से खराब गुणवत्ता वाले करीब 20 हजार बैग एकत्रित किए गए हैं। अभी ये खंड शिक्षा अधिकारियों के कार्यालयों पर रखे हैं। कंपनी इनको वापस ले जाएगी। इसके बदले कंपनी नया बैग देगी। सबसे ज्यादा खराब बैग मलिहाबाद और काकोरी ब्लॉक से प्राप्त हुए हैं।
जांच रिपोर्ट का इंतजार, हो सकती है रिकवरी
काफी संख्या में फटे हुए बैग मिलने के बाद विभाग ने इसके नमूने जांच के लिए भेज दिए हैं। बीएसए डॉ. अमर कांत सिंह ने बताया कि पहले मैनुअली जांच रिपोर्ट आई थी। इसकेबाद तकनीकी जांच कराने का निर्णय लिया गया। बैग के नमूनों को जांच के लिए लैब में भिजवा दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। लैब की जांच रिपोर्ट के बाद बैग सप्लाई करने वाली कंपनी से रिकवरी भी हो सकती है। बीएसए ने बताया कि लैब की रिपोर्ट में बैग यदि मानकों पर खरे नहीं उतरे तो जितने खराब हुए हैं, उतने बैगों की लागत कंपनी से वसूली जाएगी।