उत्तर प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में दैनिक रूप से ठेला, खोमचा, रेहड़ी आदि लगाने वाले पटरी दुकानदारों, दिहाड़ी मजदूरों को एक माह के लिए 1,000 रुपये भरण-पोषण भत्ता दिया जाएगा। रिक्शा/ई-रिक्शा चालकों, पल्लेदारों, नाविकों, नाई, धोबी, मोची, हलवाई आदि जैसे परंपरागत कामगारों को इसका लाभ मिलेगा।
कोरोना से उत्पन्न परिस्थितियों में गरीबों और जरूरतमंदों को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शनिवार को हुई कैबिनेट की वर्चुअल बैठक में योगी सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं।
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शहरी क्षेत्रों में दैनिक रूप से ठेला, खोमचा, रेहड़ी आदि लगाने वाले पटरी दुकानदारों, दिहाड़ी मजदूरों को एक माह के लिए 1,000 रुपये भरण-पोषण भत्ता दिया जाएगा। रिक्शा/ई-रिक्शा चालकों, पल्लेदारों, नाविकों, नाई, धोबी, मोची, हलवाई आदि जैसे परंपरागत कामगारों को इसका लाभ मिलेगा। इससे करीब एक करोड़ गरीबों को राहत मिलेगी।
इसके अलावा, सरकार ने अन्त्योदय एवं पात्र गृहस्थी श्रेणी के राशनकार्ड धारकों को 3 माह के लिए प्रति यूनिट 3 किलो गेहूं तथा 2 किलो चावल नि:शुल्क उपलब्ध कराने का फैसला लिया है। इससे करीब 15 करोड़ लोगों को प्रति यूनिट 5 किलो निशुल्क खाद्यान्न मिलेगा। दोनों योजनाओं को मिलाकर 16 करोड़ लोग लाभान्वित होंगे।