फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चुनावी मौसम ने बढ़ा दी बिजली की खपत

Sun, 16 Mar 2014 08:54 AM IST
अनिल श्रीवास्तव/अमर उजाला,लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
एकाएक मौसम का मिजाज बदलने से प्रदेश में बिजली की मांग बढ़ गई है। मार्च के लिए जितना आकलन करके बिजली का इंतजाम किया गया था, मांग उससे कहीं ज्यादा पहुंच रही है।
विज्ञापन


नतीजतन नए शिड्यूल के मुताबिक आपूर्ति के लिए पावर कॉर्पोरेशन को रोजाना लगभग आठ करोड़ रुपये की अतिरिक्त बिजली खरीदनी पड़ रही है।

जिस तरह मार्च में ही बिजली की मांग में जबरदस्त इजाफा हुआ है उसे देखते हुए पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन सतर्क हो गया है और अप्रैल-मई के लिए भी अतिरिक्त बिजली का इंतजाम किया जा रहा है।

लोकसभा चुनाव के मद्देनजर कॉर्पोरेशन पर गांवों से लेकर शहरों तक ज्यादा से ज्यादा आपूर्ति का दबाव है। 31 मई तक मौजूदा शिड्यूल के हिसाब से आपूर्ति के लिए कॉर्पोरेशन हर स्रोत से बिजली खरीदने को तैयार है।
विज्ञापन


तीन-चार दिन पहले तक प्रदेश में बिजली की मांग 203 से 206 मिलियन यूनिट (8000-8500 मेगावाट) के बीच थी जो अब 225-226 मिलियन यूनिट (9500-10,000 मेगावाट) तक पहुंच रही है।

पूर्व में कराए आकलन के अनुसार मार्च में बिजली की मांग 205-210 मिलियन यूनिट के बीच रहने का अनुमान था लेकिन मांग में एकाएक 20-25 मिलियन का इजाफा हो जाने से नए शिड्यूल के अनुसार आपूर्ति करना बड़ी चुनौती बन गई है।

गौरतलब है, 25 फरवरी से लागू नए शिड्यूल के तहत गांवों और तहसीलों को 16 घंटे आपूर्ति हो रही है जबकि शहरी क्षेत्रों में एक से दो घंटे की आपूर्ति बढ़ाई गई है। पिछले साल मार्च में होली के आसपास बिजली की कुल उपलब्धता 200 मिलियन यूनिट केआसपास थी। तब गांवों की आपूर्ति का शिड्यूल नौ घंटे का था।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें