लखनऊ में देर रात लूट के इरादे से घुसे बदमाश जब बेटियों के कमरे में पहुंचे तो वे सहम गईं, इसके बाद जो हुआ... जानें पूरी घटना आगे की स्लाइड्स में...
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वारदात की जानकारी लेते पुलिस अफसर
लखनऊ में गोमतीनगर के पॉश इलाके विवेकखंड-1 में रविवार रात करीब ढाई बजे छह से सात डकैतों ने रीयल एस्टेट कारोबारी चमनलाल दिवाकर के घर धावा बोल दिया। डकैतों ने पूरे परिवार को बंधक बना लिया। दिवाकर और उनकी पत्नी सुनीता से मारपीट भी की। दिवाकर के हाथ-पैर बांध पत्नी सुनीता को साथ लेकर करीब एक घंटे तक अलमारियां खंगाली और 20 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर और नकदी समेट लिए। लूटपाट के बाद जाते समय डकैतों ने सुनीता के भी हाथ-पैर बांध कमरे में बंद कर दिया।
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लूट
कारोबारी की तरफ से अज्ञात बदमाशों के खिलाफ डकैती की एफआईआर दर्ज कराई गई है। डकैती का खुलासा करने के लिए एसटीएफ को भी लगाया गया है। मूलरूप से कानपुर निवासी चमनलाल दिवाकर यहां पत्नी सुनीता, बेटी कोमल, प्रिया, काजल और बेटे पीयूष के साथ रहते हैं। दिवाकर का कहना है किरात करीब ढाई बजे छत के रास्ते से करीब सात बदमाश मेरे कमरे में दाखिल हो गए। बदमाशों ने चेहरे पर नकाब लगा रखा था। शोर मचाने की कोशिश की तमंचा तानकर जान से मारने की धमकी दी। पर्दे और चादर काटकर हाथ-पैर बांधकर मुंह पर टेप चिपका दिया। पत्नी सुनीता को साथ लेकर बदमाश दूसरे कमरे में सो रहे प्रिया व पीयूष के पास गए और उन्हें भी बंधक बना लिया।
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जांच करते एसएसपी
बदमाश सुनीता को लेकर तीसरे कमरे में गए और वहां बेटी कोमल और काजल के भी हाथ-पैर बांधकर बंधक बना लिया। चमनलाल के मुताबिक सुनीता को डायबिटीज है और उनकी तबीयत काफी खराब चल रही है।
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लूट
बदमाशों ने कमरे में घुसते ही मुझसे मारपीट शुरू कर दी। बदमाशों ने सुनीता को धमकाया तो उन्होंने बीमार होने की बात कहकर रहम की गुहार की। पर, बदमाशों ने सुनीता को चार-पांच थप्पड़ जड़ दिए। धमकाते हुए सुनीता से अलमारी की चाबियां ले लीं।
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बिखरा सामान
बदमाश जब चमनलाल की बड़ी बेटी कोमल व काजल के कमरे में घुसे तो वे बुरी तरह से सहम गईं। बदमाशों ने कहा कि घबराएं नहीं, हमारे घर पर भी बहने हैं। शांत रहो और हमें अपना काम करने दो। 20 मिनट तक बदमाश कोमल व काजल के कमरे में अलमारियों की तलाशी लेते रहे।
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जांच करते अधिकारी
करीब साढ़े तीन बजे कैश व सोने-चांदी के जेवर समेटने के बाद बदमाशों ने सुनीता को भी बांध दिया और मेन गेट से भाग निकले। डकैतों के जाने पर पीयूष ने किसी तरह खुद को बंधन से छुड़ाया और फिर सबको आजाद किया।
चमनलाल ने 3.38 बजे पुलिस कंट्रोलरूम को फोन कर सूचना दी। 3 लाख नकद, 17 लाख के गहनों के साथ मोबाइल भी ले गए। चमनलाल का कहना है कि बदमाश ढाई से तीन लाख रुपये नकद और 17 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी व हीरे के जेवर सहित मोबाइल भी ले गए हैं।