गांव में दौड़ी शोक की लहर।
बनियाखेड़ा के बाद डकैतों ने पड़ोसी गांव कटौली के तीन घरों को निशाना बनाया। ग्राम प्रधान हरिशंकर का बेटा एक्स-रे टेकभनीशियन अभिषेक उर्फ कोमल गोली की आवाज सुनकर जागा तो डकैतों की ओर भागा। डकैतों ने हाथापाई के बाद उसके सीने में गोली मार दी और फायरिंग करते हुए भागने लगे। प्रधान हरिशंकर लाइसेंसी बंदूक लेकर ग्रामीणों के साथ डकैतों का पीछा करने लगे। डकैत भाग गए तो कोमल को लेकर ट्रॉमा सेंटर पहुंचे जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिस टीमें कर रहीं तलाश
‘मौके पर खोखे बिखरे मिले। ऐसा लगा कि डकैतों ने गांव में काफी देर तक वारदात को अंजाम दिया है। ग्रामीणाें ने मुकाबला भी किया है। डकैतों की तलाश में पुलिस टीम लगाई गई है।’
जय नारायण सिंह, आईजी रेंज लखनऊ।
पुलिस की निहत्थी टीम के सामने से भाग निकले डकैत
घटना पर आईजी रेंज लखनऊ जय नारायण सिंह का कहना है कि मौके पर खोखे बिखरे मिले। ऐसा लगा कि डकैतों ने गांव में काफी देर तक वारदात को अंजाम दिया है। ग्रामीणों ने मुकाबला भी किया है। डकैतों की तलाश में पुलिस टीम लगाई गई है।’
सूचना मिलने पर एसएसपी से पहले पीआरवी (पुलिस रेस्पांस व्हीकल) की टीम पहुंच गई। इस टीम के सामने से ही सशस्त्र डकैत भागे, लेकिन वे कुछ कर नहीं सके क्योंकि किसी भी पुलिसकर्मी के पास हथियार नहीं थे।
प्रधान ने 8-10 डकैतों के खिलाफ तहरीर दी, केस चार पर ही
कटौली के प्रधान हरिशंकर की तहरीर पर काकोरी पुलिस ने देर शाम 4 अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूटपाट और हत्या का केस दर्ज किया। प्रधान का दावा है कि उन्होंने ट्रॉमा सेंटर पर जो तहरीर लिखी थी, उसमें 8 से 10 बदमाशों के खिलाफ तहरीर दी थी। वहीं, जगतपाल की तहरीर पर भी काकोरी पुलिस ने केस दर्ज किया है।
खत्म नहीं हो रही दहशत... रविवार रात भी तीन गांवों में फायरिंग
शनिवार रात डकैती के बाद भी दहशत कम नहीं हो रही। रविवार रात करीब नौ बजे बनियाखेड़ा और आसपास के 3 गांवों में फायरिंग की सूचना है। पुलिस ने कॉम्बिंग शुरू कर दी है। भय के चलते ग्रामीणों ने टुकड़ियां बनाकर लाठी-डंडे के साथ पहरा भी देना शुरू कर दिया है।