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Lucknow News: कैंसर संस्थान में साइबर नाइफ स्थापित, तीन महीने में मिलेगी सुविधा

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अस्पताल में लगी साइबर नाइफ मशीन।
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लखनऊ। कल्याण सिंह अति विशिष्ट कैंसर संस्थान में मंगलवार को आधुनिक साइबर नाइफ की स्थापना की गई। अगले दो से तीन महीने में इसका लाभ मिलने लगेगा। साइबर नाइफ से बिना चीरा लगाए मस्तिष्क के ट्यूमर का इलाज हो सकेगा।
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संस्थान के निदेशक प्रो. एमएलबी भट्ट ने बताया कि मशीन की स्थापना से न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि आसपास के राज्यों के कैंसर रोगियों को भी विश्वस्तरीय उपचार संस्थान में ही उपलब्ध हो सकेगा। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वरुण विजय ने बताया कि अभी मशीन की जांच कर उसे मरीजों की उपयोगिता में लाने से पहले रेडिएशन संबंधी मंजूरी की जरूरत पड़ेगी, जिसमें दो से तीन महीने का समय लग सकता है। इस मौके पर रेडिएशन आंकोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शरद सिंह, डॉ. प्रमोद कुमार गुप्ता, डॉ. रूमीता सिंह, संस्थान के वित्त अधिकारी रजनीकांत वर्मा उपस्थित रहे।
साइबर नाइफ की विशेषताएं

रोबोटिक सटीकता :
रोबोटिक आर्म से जुड़े लीनियर एक्सेलेरेटर के जरिये सैकड़ों कोणों से विकिरण दिया जाता है, जिससे अत्यंत सटीक और व्यक्तिगत उपचार संभव होता है।

रियल-टाइम ट्यूमर ट्रैकिंग : उन्नत इमेजिंग तकनीक उपचार के दौरान ट्यूमर की गति को लगातार ट्रैक करती है, जिससे सब-मिलीमीटर स्तर की सटीकता सुनिश्चित होती है।
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मोशन मैनेजमेंट तकनीक :
यह अत्याधुनिक तकनीक श्वसन जैसी गतिविधियों के साथ विकिरण को समन्वित करती है, जिससे सांस रोकने या कठोर स्थिरीकरण की जरूरत नहीं होती।

पूरे शरीर के लिए उपचार क्षमता :
मस्तिष्क, रीढ़, फेफड़े, यकृत, अग्न्याशय, प्रोस्टेट सहित शरीर के विभिन्न हिस्सों में ट्यूमर के उपचार में प्रभावी।

त्वरित आउटपेशेंट प्रक्रिया : उपचार पूरी तरह दर्दरहित होता है। सामान्यतः एक से पांच सत्रों में पूरा हो जाता है और मरीज तुरंत अपनी सामान्य दिनचर्या में लौट सकता है।
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