इंदिरानगर पुलिस ने करोड़ों की ठगी करने वाले इंटरनेशनल जालसाज एजाज अहमद उर्फ कमर एजाज को दबोचा लिया। जालसाज इंग्लैंड में ठगी के मामले में जेल जा चुका है।
उसके कब्जे से कई अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं। जालसाज ने राजधानी के कई चिकित्सकों से लैब में निवेश करने के नाम पर करोड़ों की ठगी की है। मध्य प्रदेश की जबलपुर पुलिस ने शातिर पर दस हजार का इनाम घोषित कर रखा था।
डीसीपी उत्तरी रईस अख्तर के मुताबिक, जालसाज एजाज अहमद आजमगढ़ के महमूदाबाद चितारा का रहने वाला है। वह लखनऊ में अबरार नगर कल्याणपुर में रहता है।
जालसाज ने कृष्णानगर में अचार की फैक्टरी डालने के नाम पर कई लोगों की करोड़ों की रकम लेकर भाग गया था। पीड़ितों ने मुकदमा भी दर्ज कराया था। इंदिरानगर में इनाम पैथ लैब खोलकर उसमें निवेश के नाम पर प्रत्येक व्यक्ति से 40-40 लाख रुपये ऐंठे थे।
इंग्लैंड की पुलिस ने भेजा था जेल
एडीसीपी उत्तरी राजेश कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक, जालसाज एजाज ने इंग्लैंड व फ्रांस में रहकर डॉक्टरी की डिप्लोमा की पढ़ाई की है। इसके बाद वहां भी उसने निवेश के नाम पर कई लोगों से मोटी रकम ऐंठी थी। इंग्लैंड पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। दो साल तक जेल में रहा। छूटने के बाद मध्य प्रदेश पहुंचा और जबलपुर में रहकर पत्थर तोड़ने का सरकारी ठेका दिलाने के नाम पर कई लोगों को ठगा। पीड़ितों ने 2013 में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद जबलपुर पुलिस ने एजाज पर 2018 में 10 हजार का इनाम घोषित किया था।
मुकदमा खत्म कराने के लिए बनवाया मृत्यु प्रमाण पत्र
प्रभारी निरीक्षक अजय त्रिपाठी के मुताबिक, एजाज ने खुद पर दर्ज मुकदमों को खत्म कराने के लिए फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र भी बनवा रखा है। उसके कब्जे से दो फर्जी पासपोर्ट, डॉक्टर होने का लेटर पैड, दो फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र, एक टैबलेट, एक लैपटॉप, असलहे का लाइसेंस, निर्वाचन पहचान पत्र, आधार कार्ड, अलग-अलग पते के विजिटिंग कार्ड, तीन एटीएम, पांच पासबुक अलग-अलग बैंक के, लेटर पैड इनाम टूर एंड ट्रेवलर्स रायपुर छत्तीसगढ़ व कई लोगों के परिचय पत्र व नौकरी के प्रमाण पत्र शामिल मिले हैं। पुलिस इन दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच करवाएगी।