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UP News: हेलो आपने गुप्त दस्तावेज पाकिस्तान भेजे हैं...रिटायर्ड कैशियर को सात दिन रखा डिजिटल अरेस्ट; लाखों ठगे

Sat, 26 Jul 2025 11:14 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

गुप्त दस्तावेज पाकिस्तान भेजने की बात कहकर साइबर जालसाज ने रिटायर्ड कैशियर को धमकाया। उन्हें सात दिन डिजिटल अरेस्ट रखकर लाखों रुपये वसूले। खुद को जम्मू कश्मीर एटीएस का चीफ बताकर झांसे में लिया था।
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Cyber crime - फोटो : Freepik
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विस्तार
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खुद को जम्मू कश्मीर एटीएस का चीफ बताकर साइबर जालसाज ने लखनऊ के विकासनगर सेक्टर-पांच निवासी सेवानिवृत्त कैशियर नरेंद्र कुमार मिश्र को गुप्त दस्तावेज पाकिस्तान भेजने की बात कहकर डराया। इसके बाद जाल में फंसे बुजुर्ग को सात दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखकर 28.45 लाख रुपये वसूल लिए। पीड़ित ने बृहस्पतिवार को साइबर क्राइम थाने में दो ठगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।

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नरेंद्र कुमार मिश्र के मुताबिक वह मार्च 2022 में इंडियन ओवरसीज बैंक में कैशियर पद से रिटायर हुए थे। 28 जून की दोपहर तीन बजे उनके पास अनजान नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को जम्मू कश्मीर एटीएस कार्यालय का कर्मी बताते हुए कहा कि तुम्हारे मोबाइल से सेना के कुछ गोपनीय दस्तावेज पाकिस्तान भेजे गए हैं। तुम आतंकी गतिविधियों से जुड़े हुए हो। यह सुनते ही नरेंद्र घबरा गए। वह कुछ कहते, इससे पहले ठग ने कॉल काट दी। कुछ देर बार उनके पास व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल आई। 

...तुम पर देशद्रोह का मुकदमा चलेगा और पूछताछ भी होगी

.नंबर की प्रोफाइल फोटो पुलिस की वर्दी पहने युवक की थी। कॉल उठाने पर वर्दीधारी युवक दिखा। उसने बताया कि वह प्रेम कुमार गौतम एटीएस चीफ है। नरेंद्र से कहा, तुम पर गोपनीय दस्तावेज पाकिस्तान भेजने का आरोप है। इस कारण तुम पर देशद्रोह का मुकदमा चलेगा और पूछताछ भी होगी। इस दौरान तुम जो भी काम करोगे, उस पर हमारी नजर रहेगी। पूछताछ के बारे में तुम न तो स्थानीय पुलिस और न ही किसी अन्य को बताओगे। यह सुनकर नरेंद्र गिड़गिड़ाने लगे, पर युवक ने धमकाना जारी रखा।

रकम ऐंठने के बाद बंद कर दिया मोबाइल

आरोपी ने पूछताछ के बहाने 28 जून से चार जुलाई तक सात दिन नरेंद्र को डिजिटल अरेस्ट रखा। पीड़ित को टूटता देख जालसाज ने वसूली का जाल फेंका और मामले से बचने के नाम पर उनसे दो बार में आरटीजीएस के जरिये 28.45 लाख वसूल लिए। इसके बाद कॉल काट कर मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया।

ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने साइबर क्राइम पुलिस से शिकायत की। इंस्पेक्टर ब्रजेश कुमार यादव के मुताबिक जिन खातों में रकम ट्रांसफर की गई है, उनका ब्योरा निकाला जा रहा है। जिस नंबर से नरेंद्र को कॉल आई थी, उसे भी ट्रेस किया जा रहा है।

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