ऐशबाग निवासी अभिषेक मिश्रा का एटीएम कार्ड पर्स में रखा रह गया और आईसीआईसीआई बैंक स्थित अकाउंट से 50 हजार रुपये निकल गए। अभिषेक को बैंक की तरफ से भेजे गए ई-मेल से रुपये निकाले जाने की जानकारी मिली।
उन्होंने आईसीआईसीआई बैंक और गाजीपुर पुलिस से संपर्क किया लेकिन सात दिन बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। साइबर सेल के एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी ने अभिषेक के एटीएम कार्ड की क्लोनिंग करके रुपये निकाले हैं।
अभिषेक इंदिरानगर की लेखराज मार्केट में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों का कस्टमर केयर सेंटर चलाते हैं। उन्होंने बताया कि बीती 28 अप्रैल को उनके पास 10 हजार रुपये निकलने का ई-मेल आया। जब तक वह बैंक के कस्टमर केयर सेंटर पर संपर्क करते, इतनी ही रकम के चार और ट्रांजेक्शन हो गए।
सभी ट्रांजेक्शन दोपहर 3.18 से 3.21 बजे के बीच हुए। अभिषेक बैंक अधिकारियों से मिले तो पता चला कि उन्होंने रांची के किसी एटीएम बूथ से कार्ड के जरिये रुपये निकाले जाने की जानकारी दी।
अभिषेक ने बताया कि एटीएम कार्ड उनके पास रखा है और वह कभी रांची नहीं गए। इस पर बैंक अफसरों ने जांच की बात कहते हुए पल्ला झाड़ लिया। बकौल अभिषेक, वह एफआईआर दर्ज कराने गाजीपुर थाना गए लेकिन पुलिस ने बैंक से कार्रवाई कराने की बात कहते हुए उसे टरका दिया।
पुलिस जता रही है कार्ड की क्लोनिंग की आशंका
डेमो
इसके बाद से अभिषेक आईसीआईसीआई बैंक, गाजीपुर पुलिस और साइबर सेल के चक्कर काट रहे हैं लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो रही। पुलिस अभिषेक के कार्ड की क्लोनिंग की आशंका जता रही है।
अभिषेक ने बैंक अधिकारियों से ट्रांजेक्शन के मैसेज न मिलने की बात कही तो रिकॉर्ड चेक किए गए। बैंक से उन्हें बताया गया कि मोबाइल पर सभी ट्रांजेक्शन के एसएमएस भेजे गए थे।
बैंक अधिकारियों ने अभिषेक का मोबाइल नंबर बताया तो वह हैरान रह गए। अभिषेक ने कहा कि जो नंबर उन्होंने खाता खुलवाते समय भरा था, उसकी जगह दूसरा नंबर नजर आ रहा था।
यानि ठगों ने बैंक के सिस्टम को बरगलाकर उनका मोबाइल नंबर बदलवा दिया जिसकी वजह से उन्हें ट्रांजेक्शन के मैसेज नहीं मिल रहे थे। अभिषेक ने बताया कि उन्होंने कभी अपने एटीएम कार्ड से पेट्रोल, रिचार्ज, बिल व पॉलिसी का पेमेंट नहीं किया।
न ही कभी ऑनलाइन शॉपिंग की। ऐसे में कार्ड की डिटेल किसी दूसरे के पास पहुंचना संभव नहीं है। उन्होंने बैंक के भीतर ही गड़बड़ी की आशंका जताई है।