गोंडा में पुलिस हिरासत में एक व्यक्ति के मारे जाने का मामला मंगलवार को विधान परिषद में जोर-शोर से उठाया गया। सपा सदस्यों ने कार्यस्थगन प्रस्ताव के जरिये इस मुद्दे को रखा। कहा कि पूरे प्रदेश में कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। पुलिस मनमानी कर रही है। वहीं, नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि यूपी में सपा शासन के मुकाबले अपराध कम हुए हैं।
सपा के सदस्य आशुतोष सिन्हा ने कहा कि गोंडा में पुलिस हिरासत में मौत से साफ हो गया है कि प्रदेश में भययुक्त माहौल है। लाल बिहारी यादव ने कहा कि इस मामले में पुलिस कर्मियों के निलंबन की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। उनकी बर्खास्तगी होनी चाहिए। साथ ही धारा-302 के तहत उन पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मामले की मजिस्ट्रेटी जांच की जा रही है। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सपा शासन में तो कानून-व्यवस्था इतनी ध्वस्त थी कि तरह-तरह के नारे गढ़े गए थे। वर्ष 2016 के मुकाबले 2022 में डकैती, लूट, हत्या, फिरौती, दहेज हत्या और बलात्कार के मामलों की घटनाओं में काफी कमी आई है।
सपा सदस्य डॉ. मानसिंह ने कहा कि प्रयागराज के थाना करेली में किसी भी आपराधिक घटना में पुलिस 30-40 अज्ञात को भी मुल्जिम दिखा देती है। फिर किसी को भी उसमें फंसाने का भय दिखाकर उगाही की जाती है। स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि आजमगढ़ में दोहरे हत्याकांड में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य 21 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा करके आए थे लेकिन आज तक पीड़ित परिवार को चवन्नी नहीं दी गई। हर जिले में आपराधिक वारदातें हो रही हैं। केशव ने कहा कि सपा अपराधियों की संरक्षक पार्टी है। जनता ने उसके खिलाफ लगातार फैसले सुना रही है लेकिन वे अपना चश्मा बदलने के लिए तैयार नहीं है। इसके बाद विरोध दर्ज कराते हुए सपा के सभी सदस्य सदन से वॉकआउट कर गए।
पुलिस के रोके जाने का मुद्दा उठाते हुए सपा का वॉकआउट
सपा के लाल बिहारी यादव ने विशेषाधिकार हनन के तहत मुद्दा उठाते हुए कहा कि 19 सितंबर को पुलिस ने उन्हें विक्रमादित्य मार्ग से सदन तक पैदल नहीं आने दिया। नेता सदन केशव ने कहा कि सपा सदस्य बताए गए रूट के बजाय दूसरे रूट से आ रहे थे। इसलिए पुलिस ने उन्हें रोका। उनके साथ ऐसे लोग भी थे, जो सदन के सदस्य नहीं थे। ऐसे में हिंसा की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता था। पुलिस ने उन्हें तय रूट से जाने के लिए कहा, पर वे नहीं माने। लाल बिहारी यादव ने कहा कि नेता सदन असत्य वाचन कर रहे हैं। इसके बाद सपा के सभी सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया। सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने विशेषाधिकार हनन की सूचना अस्वीकार कर दी।