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Lucknow News: विभागों में तालमेल नहीं, फिर खोदनी पड़ेगी बनी सड़क, जल निगम और लोक निर्माण विभाग में समन्वय न होने से सड़क में दबे मैनहोल, नई सीवर लाइन की जांच का काम फंसा

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प्रवेंद्र गुप्ता
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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का निर्देश है कि विभाग आपसी तालमेल से काम करें, लेकिन अफसर इसका पालन नहीं कर रहे हैं। स्मार्ट सिटी योजना के कार्यों में इसकी कमी साफ दिख रही है। ऐसे में बन चुकीं सड़कों को सीवर लाइन की जांच के लिए फिर खोदा जाएगा। कुछ टूटी सड़कें सीवर मैनहोल की मरम्मत और कनेक्शन के चलते बन नहीं पा रही हैं।
महात्मा गांधी मार्ग पर डालीगंज पुल से परिवर्तन चौक तक सड़क बनाई गई। इसी पर स्मार्ट सिटी योजना के तहत सीवर लाइन डाली गई थी। इसे चालू करने से पहले उसकी जांच होनी है। यह काम होता, उससे पहले ही सड़क बन गई और मैनहोल इसके नीचे दब गए। अब जब तक बीच-बीच में सड़क नहीं खोदी जाएगी, जांच का काम नहीं हो पाएगा। उधर, इन्वेस्टर्स मीट व जी-20 में महज दस दिन बचा है। दो विभागों में तालमेल न होने से आयोजन की तैयारी को नुकसान पहुंचेगा।
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दिसंबर में पूरा होना था काम
स्मार्ट सिटी योजना में लोक निर्माण विभाग 12 सड़कों को स्मार्ट बना रहा है। 25 दिसंबर तक तय किया गया यह काम अब तक पूरा नहीं हो पाया है। समीक्षा में सामने आया कि लोक निर्माण विभाग की सिविल और इलेक्ट्रिकल विंग में तालमेल की कमी है। स्मार्ट रोड पर डिवाइडर के अलावा दोनों ओर फुटपाथ पर लाइट के खंभे लगाए जा रहे हैं। इसका केबिल अंडर ग्राउंड होना है। अब सड़क के दोनों और जल निकासी को लेकर फुटपाथ की सिविल विंग ट्रेंच बना रही है। सिविल विंग ने जल निकासी का इंतजाम किए बिना रोड बना दी। अब जो ट्रेंच बन रही हैं, वहां वाटर हार्वेस्टिंग का इंतजाम नहीं है। इसे लेकर लेसा आपत्ति उठा चुका है। काम में देरी पर लोक निर्माण विभाग सही जानकारी भी नहीं दे रहा है। स्मार्ट सिटी कंपनी के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी पंकज सिंह ने इलेक्ट्रिकल और सिविल विंग के अधिशासी अभियंताओं को एक महीने पहले नोटिस भेजा था। इसमें काम में देरी को लेकर जिम्मेदार ठहराया गया है। उधर, लालबाग, कैसरबाग में सड़कें बनाने का काम सीवर लाइन कनेक्शन के कारण अटका है। सड़क नगर निगम को बनानी है। उसका आरोप है कि जल निगम की खुदाई से सड़कों का काम नहीं हो पा रहा है। इसे लेकर जल निगम को पत्र लिखा गया है। दोनों विभाग में तालमेल की कमी से काम लेट हो रहा है।
स्मार्ट रोड के बीच जो मैनहोल हैं, उन्हें पहले ही जल निगम को ऊंचा कर लेना चाहिए था। उनकी ओर से काम में देरी की गई। उनके मैनहोल को चिह्नित करवाकर ऊंचा करवाया जा रहा है। तालमेल की कमी जैसे कोई बात नहीं है।
मनीष वर्मा, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग
बिना जांच सीवर लाइन चालू कर दी तो विकासनगर जैसा सड़क बैठने का हादसा हो सकता है। लोक निर्माण विभाग को मैनहोल ऊंचे करके सड़कें बनानी चाहिए थी, पर ऐसा नहीं किया। अब उनको मैनहोल खुलवाने के लिए पत्र लिखा है।
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पीयूष मौर्या, प्रोजेक्ट मैनेजर, जल निगम
विभागों के कामों के लिए समन्वय समिति बनी हुई है। किसी विभाग को काम कराना होता है तो समिति को जानकारी देनी होती है। किसी काम से बनी सड़क खराब होती है तो इसे खराब करने वाले विभाग को रोड रेस्टोरेशन चार्ज देना होता है। सबसे अधिक दिक्कत स्मार्ट सिटी के कामों में देरी की वजह से है।
सूर्यपाल गंगवार, डीएम
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