लखनऊ। केंद्र सरकार ई-मोबिलिटी योजना को रफ्तार दे रही है। इसके साथ ही वर्ष 2023 की शुरुआत में हरित ईंधन (हाइड्रोजन) मिशन पर भी मुहर लगा दी है। इसे लेकर सीएसआईआर की महानिदेशक डॉ. एन कलाईसेल्वी ने भी प्रतिबद्धता जताई है। पहली बार लखनऊ आईं डॉ. कलाइसेल्वी शुक्रवार को पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए हरित ईंधन व ई-मोबिलिटी प्लान पर विस्तार से जानकारी दी। सीएसआईआर की पहली महिला महानिदेशक डॉ. कलासेल्वी के नाम छह से अधिक पेटेंट और 160 से अधिक रिसर्च पेपर हैं।
उन्होंने बताया कि ई-मोबलिटी प्लान अपनी रफ्तार पर है। अभी हम रोजाना 1000 लीथियम आयन बैटरी का उत्पादन कर रहे हैं। आने वाले वक्त में हमारी क्षमता प्रतिदिन 13 हजार से अधिक बैटरियों के उत्पादन की होगी। साथ ही हमारा फोकस हरित ईंधन यानी हाइड्रोजन ईंधन सेल पर है। यह कोयला व पेट्रोलियम आधारित प्राथमिक ईंधन के विपरीत शून्य कार्बन का उत्सर्जन करता है। भारत को हरित हाइड्रोजन उत्पादन का वैश्विक केंद्र बनाने की योजना पर हम सभी फोकस है। वहीं, राष्ट्रीय ई-मोबिलिटी कार्यक्रम के तहत सरकार की कोशिश है कि देश मेंं 2030 तक चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए नीतिगत ढांचा तैयार कर 30 फीसदी वाहनों को इलेक्ट्रिक मदद से चलाया जाए। इससे पेट्रोल और डीजल के वाहनों पर निर्भरता कम होने के साथ प्रदूषण से भी राहत मिलेगी।
महिला-पुरुष का भेद नहीं, योग्यता के बल पर टिकना होगावीमेन इन एकेडेमिया, रिसर्च एंड मैनेजमेंट विषय पर आयोजित सम्मेलन से जुड़े एक सवाल के जवाब में महानिदेशक ने कहा कि यहां कोई स्त्री या पुरुष में भेदभाव जैसी बात नहीं। दोनों को योग्यता के बल पर टिकना होगा। मेरा मानना है कि विज्ञान कहीं अधिक रचनात्मकता की मांग करता है, प्रबंधन मांगता है। ऐसे में मेरी नजर में ये एक ऐसा विषय है जो महिलाओं के लिए है। हां, पहले उच्च शिक्षा में महिलाएं दिखती नहीं थी, पर अब हालात बदल गए हैं। उच्च शिक्षा, शोध में महिलाओं का कद बढ़ रहा है और आगे भी बढ़ेगा।
युवाओं के कौशल विकास, उत्पाद को बाजार देने पर ध्यान
एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि युवाओं के बीच विज्ञान को लेकर जागरूकता के लिए स्कूलों तक जा रहे हैं। युवाओं में कौशल विकास भी हमारी प्राथमिकता है। इसी तरह उत्पाद को बाजार देने के लिए एमओयू होने के साथ ही एक-एक नोडल की नियुक्ति कर दी जाती है, ताकि उस परियोजना को अंतिम स्तर तक फालो किया जाए और उसका लाभ आम जनमानस तक पहुंच जाए। महानिदेशक ने कहा कि सीएसआईआर की हर एक लैब में बहुत काम हो रहा है। कई अनाम हीरो हर रोज सामने आ रहे हैं, इनकी कोशिशें नई ऊर्जा भरती हैं।