महाराजपुर के जाना गांव में रविवार को ग्रामीणों ने हैवानियत की हद पार कर दी। ग्रामीणों ने बदमाश समझकर एक युवक को कई घंटे तक अलग-अलग जगहों पर रखकर पीटा। पैर बांधकर बालू के टीले से उल्टा लटकाया।
नंगे बदन जमीन पर घसीटा। इससे भी मन नहीं भरा तो गंगा में डुबो-डुबोकर मार डाला। इसके बाद गंगा की रेती पर शव छोड़कर भाग गए। एसपी ग्रामीण और सीओ सदर ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की और अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए। रात तक युवक की पहचान नहीं हो सकी थी। गांव के अन्य लोगों ने बताया कि कई बार सूचना देने के बाद भी पुलिस समय पर नहीं पहुंची।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रविवार दोपहर 11:30 बजे जाना चौराहे पर करीब 35 साल का युवक खड़ा था। वह नीली जींस, गोल गले की काली टीशर्ट पहने था। अचानक जाना गांव के लोगों ने उसे बदमाशों का साथी कहकर दबोच लिया।
युवक खुद को बेगुनाह बताता रहा लेकिन लोग उसे बुरी तरह पीटते रहे। किसी ने 100 नंबर पर सूचना भी दी लेकिन पुलिस नहीं पहुंची। इधर युवक को पीट रहे लोग उसे देवी सिंह के खेत में बबूल के पेड़ तक घसीट ले गए और वहां बांधकर फिर पीटा। कबूल करवाने की कोशिश की कि वह बदमाशों का साथी है।
युवक के इनकार करने पर लोग उसे फिर चौराहे पर लाए। कुछ देर वहां बैठाने और पूछताछ करने के बाद राम पहाड़ी (बालू का टीला) ले गए। हमलावरों ने वहां युवक के पैर में गमछा बांधकर उसे उल्टा लटका दिया और फिर पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद हमलावर उसे करीब 50 मीटर दूर गंगा नदी में ले गए।
पुलिस कैसे तय करेगी कौन आरोपी
फिर वहां उसे पानी में डुबा-डुबाकर पूछताछ करने लगे। इस बीच अचानक उसकी नब्ज थमने का आभास हुआ तो आरोपी उसे छोड़कर भाग निकले। करीब तीन घंटे तक चली इस दरिंदगी के बाद पुलिस जब पहुंची तो उसे तेगपुर और जाना गांव के बीच गंगा की रेती में युवक का शव मिला।
शरीर पर केवल अंडरगारमेंट बचा था। एसपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी का कहना है कि यदि किसी को युवक के बदमाश होने का शक था तो उसे पकड़कर रखते, पुलिस को सूचना देते। किसी को मार डालने का हक नहीं है। भीड़ के खिलाफ एफआईआर होगी। जांच में जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो जैना गांव के कुछ भले लोगों ने घटना की शुरुआत में ही 100 नंबर पर फोन कर पुलिस को दो बार सूचना दी थी। लेकिन करीब तीन घंटे बाद पुलिस जब पहुंची तो सब खत्म हो चुका था। जबकि महाराजपुर थाने की शेखपुर चौकी महज सौ मीटर पर और चकेरी थाने की जाजमऊ पुलिस चौकी दो किलोमीटर पर है।
शेखपुर पुलिस चौकी में तैनात इंचार्ज सुखराम सिंह रावत और दो पुलिसकमियों में कोई नहीं पहुंचा। सिर्फ यही लापरवाही नहीं हुई, गांव में बदमाश आने की सूचना पर भी पुलिस ने कुछ नहीं किया। गांव वाले भयभीत थे। वे अजनबियों को बदमाश समझकर पहले भी पीट चुके हैं, पर पुलिस नहीं चेती।
मौके पर पुलिस को कोई ऐसा शख्स नहीं मिला जो घटना के बारे में बता सके। हालांकि युवक की पिटाई की वीडियो, फोटो भी मोबाइल से बनाते हुए कुछ लड़के देखे गए थे। पर पुलिस पहुंचने के बाद सभी ने चुप्पी साध ली।
आरोपी गांव में मौजूद हैं लेकिन वे अपने को शामिल न होना बता रहे हैं। ऐसे में पुलिस के पास ऐसा कोई पैमाना नहीं जिससे वह सही आरोपी चुन सके। चर्चा है कि पिटाई करने वालों में एक शख्स शातिर अपराधी भी है जो घटना के वक्त नशे में था। पीटने वाले लोगों की संख्या 12 से 15 के बीच रही होगी।