लोकसभा चुनाव आचार संहिता के दौरान एलडीए में सिर्फ नक्शा जमा व पास किए जाने की होड़ लग गई है।
मालूम हो कि तीन माह पूर्व हाईकोर्ट द्वारा विकास शुल्क लिए जाने पर रोक लगाए जाने के बाद नक्शों को पास किए जाने की प्रक्रिया फिलहाल रोक दी गई थी।
मार्च के अंत तक विकास शुल्क लिए जाने की स्थिति बहाल किए जाने के बाद नक्शों को पास किए जाने के काम को हरी झंडी मिल गई।
इसके बाद रोज दर्जन भर से अधिक नए नक्शें कार्यालय में जमा हो रहे हैं। जिसमें आवासीय व गैर आवासीय शामिल हैं। मालूम हो कि लोकसभा चुनाव आचार संहिता के दौरान एलडीए की अधिसंख्य परियोजनाएं सुस्त हो गई हैं।
नई परियोजनाओं को चालू करने की प्रक्रिया भी रुक गई है। ऐसे में एलडीए के अभियंत्रण, संपत्ति विभागों में सन्नाटा जैसी स्थिति बन गई है।
वहीं नक्शा अनुभाग में खासी रौनक है। यहां नक्शा पास कराने वालों का जमावड़ा लग रहा है। जहां काउंटर पर नक्शा जमा करने वालों की भीड़ लग रही है।
वहीं अभियंत्रण विभाग में नक्शा पास कराने की औपचारिकताएं पूरी करने की होड़ लगी है। इसी समय इंटीग्रेटेड टाउनशिप तथा व्यवसायिक कांप्लेक्शों के नक्शे पास कराने की कवायद ने तेजी पकड़ ली है।
मुख्य वास्तुविद जेएन रेड्डी का कहना है कि आवासीय और छोटे भूखंडों के नक्शे विकास शुल्क जमा करवा कर पास किए जा रहे हैं।