लखनऊ। सीवर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए हर साल 100 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा रहे हैं। जलकल विभाग के अलावा निजी कंपनी सुएज इंडिया भी काम कर रही है, फिर भी समस्याएं दूर नहीं हो रहीं और सीवर सड़कों पर बह रहा है। इस समय सीवर की करीब 400 शिकायतें लंबित हैं। इस लापरवाही पर जलकल विभाग ने निजी कंपनी को नोटिस जारी किया है।
जलकल महाप्रबंधक कुलदीप सिंह ने कंपनी को पत्र भी लिखा है। इसमें लिखा है कि छह महीने से 420 शिकायतें लंबित हैं। स्मार्ट सिटी के एप पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा मंडलायुक्त व नगर आयुक्त की ओर से की जाती है। इतनी बड़ी संख्या में शिकायतें लंबित होने पर कड़ी नाराजगी जताई गई है। एप पर प्राप्त शिकायतों की 10 दिनों से लगातार लिखित एवं मौखिक रूप से तथा प्रतिदिन वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की जा रही है, जिसमें कंपनी के प्रोजेक्ट निदेशक व समस्त जोनल सुपरवाइजर भी उपस्थित रहते हैं, लेकिन सात जून तक लंबित शिकायतों की स्थिति से स्पष्ट है कि कंपनी के जोनल सुपरवाइजर शिकायतों के निस्तारण में रूचि नहीं ले रहे।
शिकायतें दूर नहीं हुईं तो कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सीवर सफाई को लेकर सुएज कंपनी को हर साल करीब 80 करोड़ रुपये का भुगतान होता है। इसके अलावा करीब 20 करोड़ रुपये जलकल विभाग भी देता है। इस तरह हर साल करीब 100 करोड़ रुपये खर्च होते हैं।
इस जोन की इतनी शिकायतें लंबित
जोन एक - 24
जोन दो - 16
जोन तीन -123
जोन चार-36
जोन छह- 118
जोन सात104
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Iशहर में कई स्थानों पर नालों का पानी, गोबर और कूड़ा सीधे मैनहोल व ट्रंक सीवर लाइनों में छोड़ा जा रहा है, जिससे भारी मात्रा में सिल्ट, कचरा एवं ठोस अपशिष्ट सीवर नेटवर्क में जमा हो रहा है। इससे सीवर लाइनों में रुकावटें उत्पन्न होती हैं और शिकायतों की पुनरावृत्ति होती रहती है। इस समस्या को दूर करने के लिए लगातार जलकल विभाग से कहा जा रहा है।
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I- अक्षत सक्सेना, कम्युनिकेशन अधिकारी, सुएज कंपनीI
Iशिकायतों के निस्तारण में कंपनी के कर्मचारी लापरवाही कर रहे हैं। कंपनी को पत्र भेजा गया है। किस जोन में कितनी शिकायतें दूर नहीं की गई हैं, उनकी सूची भी भेजी गई है। जहां भी कंपनी को काम करने में दिक्कत आती है, वहां विभाग सहयोग भी करता है। कंपनी यदि शिकायतों के निस्तारण में सुधार नहीं करेगी तो कार्रवाई की जाएगी।
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I- कुलदीप सिंह, महाप्रबंधक जलकल विभागI
शहर में सड़कों पर बह रहा सीवर।
शहर में सड़कों पर बह रहा सीवर।