बख्शी का तालाब। इटौंजा के नगर चौगवां में नहर कटने से किसानों की फसल पानी में डूब गई। सूचना मिलने पर सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने जेसीबी की मदद से नहर को बांधकर पानी को रोका। किसानों का आरोप है कि गांव के लगभग 25 किसानों की लगभग 60 बीघा फसल इस पानी में डूब गई। इस नुकसान के लिए नहर विभाग जिम्मेदार है और किसानों को इसकी भरपाई की जाए।
नगर चौगवां के लोधपुरवा गांव निवासी किसान प्यारेलाल के खेत के पास बुधवार की सुबह लगभग नौ बजे इटौंजा रजबहा कट गया। देखते ही देखते नहर के पानी में गेहूं,सरसों और सब्जियों की फसल आलू, मटर, बंद गोभी, सोया, मेथी नकदी फसल पानी में डूब गई। गांव में जबतक किसानों को पता चलता और किसान नहर बांधने का उपक्रम करते लगभग 60 बीघा फसलें डूब गई।
किसान छोटे लाल, बहादुर, परशुराम गिरधारी, प्यारे लाल, अमित, शिवनाथ, उदयराज, शत्रोहन, रामनरेश ने बताया कि गांव के लगभग 25 किसानों पर बुधवार की सुबह लगभग नौ बजे नहर का यह पानी आफत बनकर आया है। हम सभी ने मिलकर पहले प्रयास किया कि किसी प्रकार से पानी को रोका जाए। ठंढ़ के बीच पानी में उतरकर सभी ने अपने तरीकों से नहर को बांधने का प्रयास किया। जब किसानों का बस नहीं चला तो नहर विभाग को सूचित किया गया। इसके बाद जेसीबी से नहर को बांधा गया।
समय रहते बांधी गई नहर
एसडीओ नहर सिंचाई विभाग तरुण द्विवेदी ने बताया कि जैसे ही उनके कर्मचारियों को नहर कटने की सूचना मिली। महज एक घंटे में जेसीबी की मदद से नहर को बांधा गया। नहर कैसे कटी है, इसकी जांच करवाई जा रही है।
रजबाहा कटने से डूबी फसल।
रजबाहा कटने से डूबी फसल।
रजबाहा कटने से डूबी फसल।
रजबाहा कटने से डूबी फसल।