रायबरेली। बारिश व ओलावृष्टि से फसलों को जबरदस्त नुकसान हुआ। हालांकि जिला प्रशासन के सर्वे में फसलों को 33 प्रतिशत से कम नुकसान हुआ है। ऐसे में किसानों को मुआवजा मिलने का आसार नहीं है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व पूजा मिश्रा ने बताया कि शासन के निर्देश पर कृषि विभाग, राजस्व विभाग और बीमा कंपनी नेफसल नुकसान का सर्वें किया था। सभी तहसीलों से आई रिपोर्ट के मुताबिक 33 प्रतिशत से कम फसलों को क्षति हुई है। ऐसे में मुआवजा नहीं मिल पाएगा। तहसीलों से आई रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
जिले में मंगलवार को हुई बारिश व ओलावृष्टि से गेहूं, सरसों व चना आदि की फसल को नुकसान हुआ था। गेहूं की फसल खेतों में पड़ी है। बालियां खेत में टूटी पड़ी हैं। जबकि चना व सरसों आदि की फसलों को भी नुकसान हुआ है। जिला कृषि अधिकारी रविचंद्र प्रकाश ने बताया कि जिले में फसलों का ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है।
बर्बाद हो गई फसल, कैसे चुकाएंगे कर्ज
तीन बीघा में 50 हजार रुपये किसान क्रेडिट कार्ड से लेकर गेहूं की फसल की बोआई की थी। बारिश व ओलावृष्टि से गेहूं की फसल बर्बाद हो गई है। मुआवजा मिलेगा या नहीं, यह अभी तय नहीं है। मुआवजा नहीं मिला तो कैसे ऋण चुकाएंगे? यही सोचकर परेशान हूं।
उग्रभान सिंह, किसान, रोहनिया
अफसर हमारे बारे में नहीं सोचते
गेहूं, आलू, चना आदि की फसलों की बोआई के लिए दो लाख रुपये का ऋण बैंक से लिया था। चार बीघे में गेहूं की फसल की बोआई की थी। गेहूं के साथ बारिश होने से आलू भी खराब हो गया। फसल नुकसान होने पर मुआवजा मिलेगा, या नहीं, इस बारे में कुछ नहीं पता। मुआवजा नहीं मिला तो परिवार चलाना मुश्किल हो जाएगा।
दिलीप, किसान, रोहनिया