उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में फर्जीवाड़ा रोकने की नई रणनीति बनाई गई है। अब चकबंदी वाले गांवों में समिति सत्यापन करेगी। इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को तहसीलवार कमेटी गठित करने का निर्देश दिया गया है।
प्रदेश में महोबा, झांसी, ललितपुर, फर्रुखाबाद, मथुरा सहित कई जिलों में बीमा में फर्जीवाड़ा करके करोड़ों रुपये का चूना लगाया गया है। विभिन्न जिलों में रिपोर्ट दर्ज हुई है। महोबा में गिरफ्तारी के बाद वसूली की कार्रवाई शुरू हुई है।
अब खरीफ 2026 से इस फर्जीवाड़े को रोकने के लिए कई स्तर पर सावधानी बरती जा रही है। आवेदनों की जांच के साथ ही चकबंदी वाले गांवों के लिए अलग व्यवस्था दी गई है। जिलाधिकारी की ओर से तहसीलवार गठित टीम स्थलीय सत्यापन करेगी।
बीमा राशि जारी करने से पहले भी होगी रैंडम जांच
सूत्रों के मुताबिक खरीफ 2025 व रबी 2026 में 1.63 लाख आवेदन फर्जी पाए जाने के बाद फसल बीमा को लेकर कई चरणों में सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए हैं। यह भी तय किया गया कि बीमा राशि जारी करने के पहले संबंधित आवेदकों की रैंडम जांच की जाएगी।