निगोहां के उतरावां गांव के मजरा अहिमामऊ में छत पर किसी काम से गई महिला को काटने के लिए बंदर दौड़ा। बचने के लिए महिला भागी लेकिन जीने पर फिसल कर गिर गई।
बुरी तरह से घायल महिला को घरवालों ने इलाज के अस्पताल में भर्ती कराया। जहां शुक्रवार सुबह उसकी मौत हो गई।
निगोहां के उतरावां गांव के मजरा अहिमामऊ में कौशल्या (55) अपने दो बेटों रामचंद्र व रामनरेश के साथ रहती थी। रामनरेश के मुताबिक, बृहस्पतिवार दोपहर उसकी मां छत पर रखी डलिया उठाने गई थी।
तभी छत पर मौजूद बंदर उनको काटने के लिए दौड़ा। बचने के लिए वो जीने की ओर दौड़ी। लेकिन पैर फिसलने से नीचे जा गिरी।
चीख पुकार सुनकर घरवाले आ गए और महिला को निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान शुक्रवार सुबह उनकी मौत हो गई।
राम नरेश व ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो महीने से इलाके में डेरा डाले 40-50 बंदरों के उत्पात से दर्जनों गांवों के ग्रामीण दहशत में हैं।
जिस बंदर ने कौशल्या को दौड़ाया था उसने सबसे ज्यादा आतंक मचा रखा है। बंदर अब तक गांव की शिव भाग्यवती (50), स्वामी दयाल (45), अर्पित (18), धर्मराज, ननकू (50) मदनलाल (25) समेत दर्जनों लोगों को काट चुका है।
यह बंदर ज्यादातर बाइक सवार लोगों पर हमला करता है। ग्रामीणों के मुताबिक कई बार वन क्षेत्राधिकारी मोहनलालगंज से बंदरों को पकड़कर कहीं और भेजने की शिकायत की जा चुकी है लेकिन वे हर बार टरका देते हैं।