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इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स के नाम पर वह कराती थी धंधा

Sat, 15 Feb 2014 09:07 AM IST
विवेक त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
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सेक्स रैकेट के चंगुल में फंसी पीड़िता के जिस्म का सौदा पहली बार गोरखपुर में हुआ था। तीन साल पहले रैकेट संचालिका इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स कराने के बहाने उसे गोरखपुर ले गई थी।
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वहां नशीली कोल्डड्रिंक पिलाकर बेसुध करने के बाद उसे ग्राहकों को सौंप दिया गया। शुक्रवार को ‘अमर उजाला’ ने पीड़िता से मिलकर उसका दर्द समझने की कोशिश की।

पीड़िता ने बातचीत में राजधानी पुलिस की नाक के नीचे चल रहे सेक्स रैकेट की परतें खोलकर रख दीं। पीड़िता ने बताया कि रैकेट संचालिका के संबंध शहर के कई बड़े और रसूखदार लोगों से हैं।
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वह इन लोगों को लड़कियां सप्लाई करती थी। उसने बताया कि डालीबाग के एक अपार्टमेंट में रहने वाली रैकेट संचालिका ने सिक्योरिटी गार्ड से घरेलू काम के लिए कोई लड़की ढूंढने को कहा था।

गार्ड ने उसी अपार्टमेंट में काम करने वाली किशोरी की मां से संपर्क किया। इसके बाद रैकेट संचालिका ने किशोरी को 1500 रुपये महीने की तनख्वाह पर रख लिया। उस वक्त पीड़िता की उम्र मात्र पंद्रह साल थी।

रैकेट संचालिका ने कुछ दिन उससे झाड़ू-पोंछा कराया। फिर ब्यूटीशियन का कोर्स कराने के बहाने उसे पार्लर ले जाना शुरू कर दिया। बकौल पीड़िता उसने पढ़ाई नहीं की थी।

ब्यूटी पार्लर चलाने के लिए इंग्लिश बोलना और पढ़ना जरूरी बताते हुए रैकेट संचालिका उसे गोरखपुर ले गई। यहां उसे कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया गया।

बेसुध होते ही उसे ग्राहकों के हवाले कर दिया गया। होश में आने पर उसे खामोश रहने की धमकी दी गई। इसके बाद रैकेट संचालिका ने उसे जिस्मफरोशी के बाजार में उतार दिया।

कभी भी मुंह खोलने पर उसे जान से मारने की धमकी दी जाती। पीड़िता ने बताया कि इसके बाद रोज ही उसके जिस्म का सौदा होने लगा।

हजरतगंज, राजाजीपुरम, आलमबाग सहित शहर के कई इलाकों में अपार्टमेंट में उसे भेजा जाता। उसे सिर्फ ग्राहक का मोबाइल नंबर और किराए के रुपये दिए जाते थे।

ग्राहक के पास पहुंचते ही रैकेट संचालिका का पति पेमेंट वसूल लेता था। उसने बताया कि रैकेट संचालिका के पास कई लड़कियां हैं। लेकिन घर पर सिर्फ वही रहती थी। बाकी से फोन पर डीलिंग होती थी।

किशोरी ने बताया कि दिल्ली भागने से पहले रैकेट संचालिका उसके बदले ग्राहकों से 5,000 से 6,000 रुपये वसूलती थी। उसने बताया कि रैकेट संचालिका के फ्लैट में चार महिलाएं अकसर आती-जाती थीं।

रैकेट संचालिका उन्हें अपनी सहेली बताती थी लेकिन चारों महिलाओं का अपना-अपना रैकेट चलता है। राजधानी के वीआईपी इलाके में बरसों से चल रहे सेक्स रैकेट से आंखें मूंदे हजरतगंज पुलिस की नींद अब तक नहीं टूटी है।

रैकेट के खुलासे के बाद भी पुलिस ने आरोपी संचालिका को हिरासत में लेना तो दूर पूछताछ तक जरूरी नहीं समझी। पुलिस ने इस मामले में शुरू से ही लापरवाही का रवैया अपनाया।

रैकेट की शिकार पीड़िता का मेडिकल परीक्षण बड़ी बमुश्किल से हो सका था। बृहस्पतिवार को मजिस्ट्रेटी बयान हुए लेकिन शुक्रवार रात तक पुलिस ने यह जानने की कोशिश नहीं की कि पीड़िता ने बयान में क्या बातें कहीं हैं।

हजरतगंज इंस्पेक्टर अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि व्यस्तता के चलते वे बयान नहीं देख सके हैं। शनिवार को कोर्ट में जाकर बयान देखे जाएंगे। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।

रैकेट संचालिका नशे की लती है। युवती ने बताया कि वह शराब तो पीती ही है, कोरेक्स का सिरप और एल्प्रेक्स की गोलियां भी खाती है। पीड़िता ने बताया कि सैक्स रैकेट संचालिका का पति अक्सर उसके साथ मारपीट करता है।

पति से संबंध सुधारने के लिए वह अक्सर तांत्रिकों के पास भी आती-जाती है। तांत्रिक से भभूत लाकर वह उसके चेहरे पर भी पोत देती थी।

रैकेट संचालिका दो-तीन साल में ठिकाना बदल देती थी। पीड़िता ने बताया कि मदन मोहन मालवीय मार्ग स्थित अलीशा अपार्टमेंट, अतरौला हाउस सहित कई जगह पर उसने किराए पर फ्लैट ले रखा था।

फिलवक्त वह डालीबाग के एक अपार्टमेंट में रह रही है। पीड़िता ने बताया कि उसके घर के सदस्य मिलने आते थे तो रैकेट संचालिका नाराज हो जाती थी। वह माता-पिता से फोन करके ही आने को कहती थी।
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