लगातार चौथे दिन चौथी हत्या से राजधानी दहल उठी। शनिवार को इंदिरानगर में बुजुर्ग महिला कृष्णा सिंह (63) के गले पर नुकीले औजार से वार कर बेरहमी से हत्या कर दी गई।
उनके गले पर बिजली का तार कसा हुआ था। खून से लथपथ उनका शव घर के बाथरूम में ही पड़ा मिला। उनके शरीर पर गहने सुरक्षित मिले हैं, इसलिए पुलिस मान रही है कि कातिल कोई करीबी ही है।
गाजीपुर थाने में हत्या व साक्ष्य मिटाने का केस दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई है। इंदिरा नगर के सी-ब्लॉक के पॉश इलाके में रहने वाली कृष्णा शुक्रवार शाम को मंदिर जाने के लिए घर से निकली थीं।
इसके बाद से ही वे लापता थीं। शेरवुड इंजीनियरिंग कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर उनके पति सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि जब देर रात तक कृष्णा नहीं लौटी तो पुलिस को उनकी गुमशुदगी की सूचना दी।
इसके बाद रातभर अस्पतालों में ढूंढते रहे। शनिवार सुबह जब वे बेटी स्वाति के साथ फिर से ढूंढने निकले तो ग्राउंड फ्लोर के बाथरूम के पास मेन डोर की चाबी का गुच्छा पड़ा मिला।
स्वाति ने चाबी से बाथरूम का दरवाजा खोला तो मां का शव देखकर चीख पड़ी।
गुमशुदा बता तलाश में जुटा था पति
इंदिरानगर के सी-ब्लॉक निवासी कृष्णा सिंह (63) शुक्रवार शाम साईं मंदिर जाने के लिए घर से निकली थी। इसके बाद लापता हो गईं।
परिवहन विभाग में असिस्टेंट सर्विस मैनेजर पद से रिटायर्ड व शेरवुड इंजीनियरिंग कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर उनके पति सुरेश कुमार सिंह का कहना है कि कॉलेज से लौटते समय कृष्णा पैदल जाते मिली थी।
कार रोक पूछा तो मंदिर जाने व थोड़ी देर में लौटने की बात कही। घर के भूतल पर सौंदर्यीकरण का काम चल रहा था। सुरेश ने घर जाकर कारपेंटर बृजेश को हिसाब करने के बाद दो हजार रुपये दिए।
बृजेश ने भूतल की लाइटें बंद कीं और औजार लेकर चला गया। इसके बाद सुरेश भी टहलने निकल गए। कृष्णा के देरशाम तक न लौटने पर मोहल्ले में ही किराए पर रह रही बड़ी बेटी स्वाती के घर चले गए।
काफी देर बातचीत के बाद लौटे। कृष्णा के रात तक न लौटने से चिंतित सुरेश साईं मंदिर पहुंचे। पता चला कि कृष्णा देरशाम को मंदिर में दर्शन कर लौट गई थी।
अनहोनी की आशंका के चलते सुरेश ने पुलिस को फोन कर गुमशुदगी की सूचना दी और अपने स्तर से विभिन्न अस्पताल खंगालने शुरू किए।
कुछ पता न चलने पर घर लौटे। शनिवार सुबह बाथरूम में उनका शव मिला। पोस्टमार्टम में डॉक्टरों ने पाया कि कृष्णा की हत्या शुक्रवार रात 10-12 बजे के बीच हुई थी।
दम घुटने से हुई मौत
जाहिर है कि कृष्णा मंदिर से सकुशल लौटी। घर में ही किसी से झगड़ा हुआ और बाथरूम में हत्या की गई। शरीर पर सात चोटें हैं और दम घुटने से मौत हुई थी।
इंस्पेक्टर गाजीपुर अजीत सिंह चौहान ने बताया कि सुरेश व स्वाती का कहना है कि संदिग्ध हालात में लापता कृष्णा की नए सिरे से तलाश के इरादे से शनिवार सुबह छह बजे घर से निकले तो ग्राउंड फ्लोर के बाथरूम के पास मेन डोर की चाभी का गुच्छा पड़ा नजर आया जो कृष्णा के पास रहता था।
स्वाती ने गुच्छा उठाने के साथ बाथरूम का दरवाजा खोला। सामने मां का खून से लथपथ शव देख चीख पड़ीं। सुरेश ने पुलिस को फोन किया।
थोड़ी देर में डीआईजी रेंज आरके चतुर्वेदी व एसएसपी प्रवीण कुमार के साथ अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर तहकीकात शुरू की।
खून से सने गले पर सोने की चेन, टॉप्स व अंगूठी सुरक्षित नजर आने पर पुलिस ने माना कि कातिल का मकसद सिर्फ हत्या ही था।