निवेशकों को करोड़ों रुपये का चूना लगाने वाले मैग्नम ग्रुप के संचालक की मदद करने वाले दो सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया गया है।
दोनों सिपाहियों ने पेशी पर आए संचालक को कोर्ट ले जाने के बहाने हवालात से निकाला था और वकील के चैंबर में ले जाकर मुकदमे की तैयारी के साथ परिवार से मुलाकात कराई थी।
एसएसपी जे रविंदर गौड ने बताया कि निवेशकों को करोड़ों रुपये का चूना लगाने के आरोप में जेल में बंद मैग्नम ग्रुप के संचालक अरुण कुमार चतुर्वेदी को बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था।
कचहरी हवालात ड्यूटी पर तैनात पुलिस लाइन के कांस्टेबल बचकन यादव व रामबदल यादव ने उसे अदालत में पेश करने के बहाने निकाला और वकील के चैंबर में ले गए।
वहां अरुण चतुर्वेदी ने मुकदमे की तैयारी की और परिवार व परिचितों के साथ जलपान किया। इसी बीच, कचहरी हवालात व पेशी पर निकाले गए बंदियों का औचक निरीक्षण करने निकले आरआई डीके धवन ने उसे पकड़ लिया।
आरआई की फटकार पर अरुण को कोर्ट में पेश करने के बाद हवालात पहुंचाया गया और दोनों सिपाहियों के खिलाफ रिपोर्ट दी। इस पर दोनों को निलंबित करके उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा रही है।
इससे पूर्व, मैग्नम ग्रुप के खिलाफ मुकदमे दर्ज होने का सिलसिला जारी होने पर गुडंबा थाने का कांस्टेबल रणधीर सिंह आरोपी अरुण चतुर्वेदी व उसके साथियों की मदद में जुट गया था।
उसने कई बार फोन करके आरोपियों को पुलिस कार्रवाई की जानकारी दी और एसओ व अन्य अधिकारियों के नाम पर दस लाख की डील की थी। अरुण ने वार्तालाप को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया था।
संचालकों की गिरफ्तारी होने पर अरुण की पत्नी ने वार्तालाप की सीडी एसएसपी को उपलब्ध कराई थी।