बंथरा पुलिस ने गुरुवार को लालबत्ती लगी एक लग्जरी कार पकड़ी। यह कार कानपुर से आ रही थी। इसमें सवार दो लोगों में एक हत्या का आरोपी है।
इनके पास से नाइन एमएम की पिस्टल व कारतूस मिले हैं। डीआईजी नवनीत सिकेरा ने बताया कि किसी ने उन्हें फोन कर लालबत्ती कार से बदमाशों के लखनऊ आने की सूचना दी।
उन्होंने बंथरा पुलिस को वाहन चेकिंग के आदेश दिए। इस दौरान पुलिस ने सफेद रंग की लालबत्ती लगी स्कॉर्पियो को रोका। इसमें सवार इंदिरानगर के पटेलनगर निवासी शेख इजराफिल उर्फ मैनेजर तथा वास्तुखंड गोमतीनगर के अश्वनी गुप्ता को पकड़ा।
कार की तलाशी में सपा और भाजपा के झंडे व नाइन एमएम की पिस्टल व कारतूस मिले। सीओ कृष्णानगर राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि इजराफिल बीते वर्ष 25 दिसंबर को इंदिरानगर के फारुख उर्फ बाबू की हत्या के आरोप में जेल गया था।
अश्वनी के बिजनेस के सिलसिले में दोनों कानपुर गए थे। वहां से लौटते वक्त दोनों को पकड़ लिया गया। इजराफिल ने बताया कि स्कॉर्पियो उसके पिता की है।
जो 20,000 रुपये प्रति महीना में एक मंत्री के काफिले में चलती थी। 20 दिन पहले ही यह कार वापस आई थी। इजराफिल के मुताबिक तब से कार में लालबत्ती लगी है।
डीआईजी ने बताया कि पकड़े गए दोनों व्यक्ति बदमाश किस्म के हैं। दोनों मोहनलालगंज में पकड़े गए गिरोह के ही सदस्य हैं।