मोहनलालगंज में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा का अपहरण करके गैंगरेप की कहानी में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस ने बताया कि छात्रा अंबालिका इंस्टीट्यूट से मैकेनिकल इंजीनियरिंग थर्ड ईयर की पढ़ाई कर रहे शक्तिनगर निवासी मनीष शर्मा से प्यार करती थी। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन घरवाले तैयार नहीं थे।
यही वजह थी मनीष ने छात्रा के साथ मिलकर उसे बदनाम करने की साजिश रची। दोनों सोच रहे थे कि बदनाम होने के बाद कोई रिश्ता नहीं रखेगा और वह आराम से शादी कर लेंगे। पुलिस ने केस का खुलासा करते हुए मनीष को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, पुलिस इस केस में खुलकर कुछ भी कहने को तैयार नहीं है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी मनीष की उतरठिया में फर्नीचर की दुकान है। छात्रा साजिश के तहत उसके साथ ही गई थी। रविवार सुबह मनीष टैंपो से उसके घर के पास तक आया। उसने छात्रा को फोन किया तो वह अपना मोबाइल फोन घर पर ही छोड़कर चली आई। दोनों टैंपो से ही चारबाग पहुंचे और एक रेस्टोरेंट में आइसक्रीम खाई।
इसके बाद दोनों चिड़ियाघर घूमने चले गए। शाम तक चिड़ियाघर घूमने के बाद दोनों गाजीपुर की भूतनाथ मार्केट में टहलते रहे। रात को मनीष उसे अपनी फर्नीचर की दुकान पर ले गया। दोनों रातभर यहीं रहे। सोमवार सुबह छात्रा अपने घर चली गई। छात्रा के घर जाने से पहले मनीष ने उसके भाई को एसएमएस करके धमकाया। इस केस में एक-एक कदम की स्क्रिप्ट मनीष ने पहले ही लिख डाली थी। पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की तो सच सामने आ गया।
ये कहानी बताई थी छात्रा ने
गौरतलब है कि रविवार सुबह घर से निकली छात्रा सोमवार सुबह वापस आई थी। छात्रा का कहना था कि कोई बदमाश उसे काफी दिन से बहन की आपत्तिजनक फोटो होने की बात कहते हुए धमका रहा था। रविवार सुबह उसने फोटो देने के बहाने से बाईपास रोड पर बुलाया और जबरन स्विफ्ट डिजायर कार में बैठा लिया। कार में ड्राइवर के अलावा दो लोग थे।
छात्रा को बेहोश कर उसे एक खाली मकान में ले जाकर बंधक बना दिया गया। इसके बाद चौबीस घंटे तक उसके साथ दरिंदगी की गई। रविवार सुबह छात्रा को बेसुध हालत में बस में बैठाकर घर भेज दिया गया। छात्रा के परिवारीजनों ने तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण व गैंगरेप का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था।
वहीं, छात्रा का कुछ पता न चलने पर शनिवार शाम परिवारीजन मोहनलालगंज कोतवाली गए और उसके रहस्यमय हालात में गायब होने की जानकारी दी। कोतवाली में मौजूद दरोगा दशरथ मौर्या व मुंशी देवेश श्रीवास्तव ने छात्रा के परिवारीजनों को रिश्तेदारों-परिचितों में तलाश करने की बात कहते हुए टरका दिया।
रविवार सुबह छात्रा बेसुध हालत में घर लौटी और अपहरण व गैंगरेप का आरोप लगाया तो अधिकारियों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से बातचीत की तो उन्होंने रात को ही कोतवाली जाकर सूचना देने व वहां से टरकाने की बात कही। कोतवाली में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी गई तो शिकायत सही मिली। इसके बाद एसएसपी ने दरोगा व मुंशी को सस्पेंड कर दिया। इंस्पेक्टर धीरेंद् प्रताप कुशवाहा ने बताया कि छात्रा ने गलत आरोप लगाने की बात स्वीकार की।